Nuclear submarine
संदर्भ:
अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उन्होंने दो परमाणु पनडुब्बियों को रूस के करीब ‘उपयुक्त क्षेत्रों’ में तैनात करने के निर्देश दिए हैं। ट्रंप के इस कदम को रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच गहराते तनाव को और अधिक स्पष्ट करता है।
(Nuclear submarine) परमाणु पनडुब्बी क्या होती है?
- यह एक ऐसी पनडुब्बी होती है जो परमाणु ऊर्जा से चलती है, न कि डीज़ल या बैटरी से।
- इसमें न्यूक्लियर रिएक्टर होता है, जो यूरेनियम के विखंडन से ऊर्जा उत्पन्न करता है।
- उत्पन्न गर्मी से पानी भाप में बदलता है, जो टर्बाइन को घुमाकर पनडुब्बी को शक्ति देता है।
- यह कोई “परमाणु हथियार” नहीं होती, बल्कि इसका नाम इसके ऊर्जा स्रोत के कारण होता है।
- यह महीनों तक सतह पर आए बिना पानी के नीचे ऑपरेशन कर सकती है — जो सैन्य दृष्टिकोण से बहुत उपयोगी है।
- पारंपरिक डीज़ल पनडुब्बियों की तुलना में अधिक स्टील्थ (गोपनीयता), दूरी और सहनशक्ति रखती हैं।
अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी क्षमता:
अमेरिका के पास अत्याधुनिक परमाणु पनडुब्बियों का बड़ा बेड़ा है:
- 14 ओहायो–क्लास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां– Trident II D5 मिसाइलों से लैस, जिन्हें ‘बूमर्स’ कहा जाता है।
- वर्जीनिया–क्लास, सीवुल्फ–क्लास और लॉस एंजेलिस–क्लासपनडुब्बियां – जो तेज़ हमलों के लिए टॉमहॉक, हार्पून मिसाइल और टॉरपीडो से लैस हैं।
रूस की परमाणु पनडुब्बी क्षमता:
रूस की नौसेना भी अत्याधुनिक परमाणु पनडुब्बियों से सुसज्जित है:
- बोरेई–क्लास SSBNs– 16 बुलावा मिसाइल और टॉरपीडो लॉन्चर से लैस।
- डेल्टा IV-क्लास– अब भी रूस की परमाणु प्रणाली में सक्रिय हैं।
- यासेन–क्लास और अकुला–क्लास– लंबी दूरी की कैलिब्र, ओनिक्स, ग्रेनिट मिसाइलों से हमले की क्षमता।
परमाणु पनडुब्बी की विशेषताएं:
- इन्हें 25–30 वर्षों तक दोबारा ईंधन भरने की आवश्यकता नहीं होती।
- ये बिना सतह पर आए महीनों तक समुद्र की गहराई में रह सकती हैं।
- इन्हें ऑक्सीजन या बाहरी हवा की जरूरत नहीं होती, इसलिए ये लंबी दूरी तय कर सकती हैं।
- ये अत्यधिक स्टील्थ क्षमता रखती हैं — दुश्मन को पता चले बिना मिशन पूरा कर सकती हैं।
- निर्माण लागत बहुत अधिक होती है – अरबों डॉलर लगते हैं।
- संचालन के लिए प्रशिक्षित वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की जरूरत होती है।
भारत की परमाणु पनडुब्बी क्षमता:
- भारत के पास दो स्वदेशी परमाणु पनडुब्बियां हैं:
- INS अरिहंत
- INS अरिघात
- ये पनडुब्बियां भारत के न्यूक्लियर ट्रायड (जल, थल और वायु से परमाणु हमला करने की क्षमता) को पूर्ण करती हैं।
- इससे भारत की प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence Power) काफी मजबूत हुई है।