RBI’s FREE-AI Vision for Financial Sector
RBI’s FREE-AI Vision for Financial Sector –
संदर्भ:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक समिति, जो FREE-AI फ्रेमवर्क तैयार कर रही है, ने सिफारिश की है कि विनियमित संस्थाएं (Regulated Entities) साझा अवसंरचना विकसित करें, ताकि डेटा और कंप्यूटिंग तक समान पहुंच सुनिश्चित हो सके। साथ ही, वित्तीय क्षेत्र के लिए एक AI इनोवेशन सैंडबॉक्स बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
वित्तीय क्षेत्र में जिम्मेदार एवं नैतिक एआई के उपयोग पर आरबीआई समिति (FREEAI)
पृष्ठभूमि एवं गठन:
6 दिसंबर, 2024 को जारी अपनी नीति वक्तव्य में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के लिए ढांचा (Framework for Responsible and Ethical Enablement of AI in the Financial Sector – FREEAI) नामक एक विशेष समिति के गठन की घोषणा की।
- इस समिति का उद्देश्यनवाचार को बढ़ावा देना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना कि उपभोक्ताओं के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।
मुख्य विवरण:
- उद्देश्य: वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार और नैतिक अपनाने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करना।
इसमें एआई के उपयोग के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत और संचालन मानक तैयार करना शामिल है। - अध्यक्ष: डॉ. पुष्पक भट्टाचार्य
- मंडेट (कार्यादेश): समिति का कार्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई में होने वाली तकनीकी प्रगति को अपनाते समय:
- पारदर्शिता – प्रक्रियाएं स्पष्ट हों और एआई के निर्णय समझाए जा सकें।
- जवाबदेही – एआई-आधारित कार्यों के लिए उचित निगरानी और जिम्मेदारी तय हो।
- निष्पक्षता – एआई सिस्टम में पक्षपात न हो और सभी हितधारकों के साथ समान व्यवहार हो।
- ग्राहक सुरक्षा – उपभोक्ताओं के अधिकार, डेटा और विश्वास सुरक्षित रहें।
वित्तीय क्षेत्र में AI की आवश्यकता:
- दक्षता और स्वचालन:लेनदेन, ऋण स्वीकृति, धोखाधड़ी पहचान और अनुपालन जांच में तेजी, साथ ही मानवीय त्रुटियों में कमी।
- डेटा–आधारित निर्णय:उन्नत एनालिटिक्स से बेहतर जोखिम मूल्यांकन, क्रेडिट स्कोरिंग और निवेश रणनीतियाँ।
- ग्राहक अनुभव:चैटबॉट्स, वॉइस असिस्टेंट और व्यक्तिगत अनुशंसाओं से सेवा गुणवत्ता में सुधार।
- धोखाधड़ी रोकथाम और सुरक्षा:AI मॉडल वास्तविक समय में विसंगतियाँ पहचानकर साइबर सुरक्षा को मजबूत करते हैं।
- नियामक अनुपालन:स्वचालित निगरानी से RBI, SEBI और अन्य नियामक मानकों का पालन सुनिश्चित।
एआई अपनाने में चुनौतियाँ
- डेटा गोपनीयता और साइबर सुरक्षा: एआई सिस्टम डेटा लीक और अपारदर्शी निर्णय लेने की प्रवृत्ति के प्रति संवेदनशील होते हैं, जिससे नियामकीय अनुपालन जटिल हो जाता है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: कई वित्तीय संस्थानों के पास एआई को लागू करने के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग क्षमता और कुशल कार्यबल की कमी है।
- नियामकीय अनिश्चितता: एआई की तेजी से विकसित होती प्रकृति पारंपरिक नियामकीय ढांचों को चुनौती देती है।
एआई अपनाने के लिए उठाए गए कदम
- आरबीआई की FREE-AI समिति का गठन
- इनोवेशन सैंडबॉक्स
- भाषिणी एकीकरण
- क्षमता निर्माण कार्यक्रम
- उद्योग सहयोग