20% quota for ex-fire warriors in Delhi Police
संदर्भ:
हाल ही में दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल (पुरुष) की सीधी भर्ती में 20% सीटें पूर्व-अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के लिए आरक्षित करने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय अग्निवीर योजना के तहत 4 साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं को मुख्यधारा की पुलिस सेवा में शामिल करने के लिए लिया गया है।
प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:
- निर्णय: यह प्रस्ताव मुख्य रूप से “दिल्ली पुलिस (नियुक्ति और भर्ती) नियम, 1980” के नियम 9 में संशोधन के माध्यम से लागू किया गया है।
- आरक्षण का प्रावधान (Reservation Provision): दिल्ली पुलिस में पुरुष कांस्टेबल (कार्यकारी) के कुल स्वीकृत पदों (वर्तमान में 42,451) में से 20% पद अब पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे। यह कोटा सीधी भर्ती (Direct Recruitment) के माध्यम से भरा जाएगा।
- आयु सीमा में छूट (Age Relaxation): सामान्य उम्मीदवारों के लिए निर्धारित 18-25 वर्ष की आयु सीमा में पूर्व-अग्निवीरों को 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। विशेष रूप से, अग्निपथ योजना के पहले बैच के उम्मीदवारों को 5 वर्ष की आयु छूट प्रदान की जाएगी।
- शारीरिक परीक्षण से छूट (Exemption from PET): पूर्व-अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test – PET) से पूरी तरह छूट दी गई है, क्योंकि वे पहले ही भारतीय सशस्त्र बलों में कठोर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होते हैं।
अग्निपथ योजना क्या हैं?
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- अवधारणा: जून 2022 में शुरू की गई यह योजना सशस्त्र बलों (थल, नौ और वायु सेना) में 4 वर्ष के अल्पकालिक सेवा मॉडल (Tour of Duty) पर आधारित है।
- पात्रता: उम्मीदवारों की आयु 17.5 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को ‘अग्निवीर’ कहा जाता है।
- अवधारण (Retention): 4 वर्ष पूरे होने पर, अधिकतम 25% अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सेवा (अतिरिक्त 15 वर्ष) के लिए चुना जाता है, जबकि शेष 75% नागरिक जीवन में लौट जाते हैं।
- महत्व:
- युवा प्रोफाइल: भारतीय सेना की औसत आयु 32 से घटाकर 26 वर्ष करना, जिससे बल अधिक चुस्त और तकनीक-प्रेमी बने।
- राजकोषीय सुधार: बढ़ते वेतन और पेंशन बिल (Defence Pension Bill) को कम करना ताकि रक्षा आधुनिकीकरण के लिए अधिक धन उपलब्ध हो सके।
- नागरिक समाज का सशक्तिकरण: समाज को अनुशासित और सैन्य-प्रशिक्षित युवा कार्यबल प्रदान करना।
- चुनौतियां:
- नौकरी की असुरक्षा: 4 साल बाद शेष 75% अग्निवीरों के भविष्य और पेंशन लाभ न होने को लेकर चिंताएं।
- प्रशिक्षण की अवधि: नियमित प्रशिक्षण की तुलना में मात्र 6 महीने का प्रशिक्षण सैन्य दक्षता को प्रभावित कर सकता है।

