2000-year-old Iron Age temple discovered in Denmark
संदर्भ:
हाल ही में डेनमार्क के जटलैंड प्रायद्वीप में हेडेगार्ड नामक स्थान पर पुरातत्वविदों ने 2,000 साल पुराने एक लौह युगीन मंदिर (Iron Age Temple) और एक विशाल किलेबंद बस्ती की खोज की है।
2,000 साल पुराने लौह युगीन मंदिर के बारे में:
-
- स्थान: यह स्थल डेनमार्क के केंद्रीय जटलैंड में इजस्ट्रुपहोम (Ejstrupholm) के पास स्कजर्न नदी के उत्तरी किनारे पर एक प्रमुख पहाड़ी पर स्थित है।
- ऐतिहासिक काल: यह मंदिर और बस्ती लगभग 0 ईस्वी (AD) के आसपास की है, जो रोमन लौह युग के आरंभिक चरण को दर्शाती है।
- खोज का श्रेय: हालिया खुदाई का नेतृत्व म्यूजियम मिड्टजिलैंड ने किया है। हालांकि, इस क्षेत्र में पहली महत्वपूर्ण खोज 1986 में पुरातत्वविद् ओर्ला मैडसेन द्वारा एक कब्रिस्तान के रूप में की गई थी।
- विशेषताएं:
-
- आकार: यह लगभग 15 x 16 मीटर का एक आयताकार ढांचा है।
- सुरक्षात्मक घेरा: यह मंदिर लगभग 4 हेक्टेयर में फैली एक विशाल बस्ती का हिस्सा था, जो गहरी खाइयों और लकड़ी की बाड़ से घिरी हुई थी।
- कार्यशालाएं: बस्ती के भीतर सोना, चांदी, कांस्य और एम्बर (amber) की नक्काशी के लिए विशेष कार्यशालाएं मिली हैं, जो इसे एक प्रमुख आर्थिक शक्ति केंद्र बनाती हैं।
- संरचना: मंदिर में एक छोटा आंतरिक कक्ष है, जो मजबूत खंभों की एक कतार (colonnade) से घिरा हुआ है। दीवारें मिट्टी और लकड़ी के तख्तों से बनी थीं।
- धार्मिक महत्व: मंदिर के केंद्र में एक 2×2 मीटर का सजावटी अग्निकुंड मिला है। इसकी सजावट और बनावट से स्पष्ट होता है कि इसका उपयोग भोजन पकाने के बजाय धार्मिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था।
- प्रवेश द्वार: मंदिर का प्रवेश द्वार दक्षिण की ओर था, जो सौर चक्रों या विशेष खगोलीय संरेखण की ओर संकेत कर सकता है।
- रोमन लिंक: यहाँ से रोमन सेना का एक कटार और कांस्य का कटोरा मिला है, जो प्रारंभिक नॉर्डिक समाज पर रोमन साम्राज्य के सांस्कृतिक प्रभाव को सिद्ध करता है।
- ग्लास बीड्स: खुदाई में दो दुर्लभ कांच के मनके मिले हैं। इनमें से एक मिस्र (Egypt) से और दूसरा लेवेंट (Levant) क्षेत्र से आया प्रतीत होता है। जो उत्तरी यूरोप के मध्य-पूर्वी सभ्यताओं के साथ सीधे व्यापारिक संबंधों को दर्शाता है।

