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200000 वर्ष पुराने घोड़े के DNA की खोज (200000-year-old horse DNA discovered) | UPSC Preparation

200000-year-old horse DNA discovered

200000-year-old horse DNA discovered

संदर्भ:

हाल ही में जर्मनी के शोनिंगन (Schöningen) पुरातात्विक स्थल से लगभग 200,000 वर्ष पुराने घोड़े के DNA की खोज की गई।

DNA खोज का मुख्य विवरण: 

  • स्थान: लोअर सेक्सनी (Lower Saxony), जर्मनी का शोनिंगन साइट।
  • प्रजाति: यह DNA एक विलुप्त घोड़े की प्रजाति इक्वस मोसबाचेंसिस (Equus mosbachensis) का है।
  • अवधि: यह ‘मिडल प्लीस्टोसीन’ (Middle Pleistocene) युग से संबंधित है।
  • महत्व: यह किसी खुले स्थान (Open-air site) से प्राप्त अब तक का सबसे पुराना DNA है। 
    • ऑक्सीजन की कमी (Anaerobic Condition): यहाँ के अवशेष प्राचीन झील की तलछट (sediments) में दबे हुए थे, जहाँ ऑक्सीजन न होने के कारण बैक्टीरिया सक्रिय नहीं हो सके।
    • खनिज संरचना: यहाँ की मिट्टी कार्बोनेट से भरपूर थी, जिसने DNA के सूक्ष्म टुकड़ों को आपस में जोड़े रखने और नष्ट होने से बचाने में मदद की। 
  • पैलेओजेनेटिक्स: वैज्ञानिकों ने DNA पुनर्निर्माण के लिए ‘डेमेज-अवेयर’ सांख्यिकीय उपकरणों का उपयोग किया, जो भविष्य में खराब गुणवत्ता वाले प्राचीन नमूनों के अध्ययन में मानक बनेगा।
  • विकासवाद: अनुवांशिक विश्लेषण से पता चला कि यह घोड़ा आज के आधुनिक घोड़ों के वंश (Lineage) से संबंधित है, जो लगभग 800,000 साल पहले अन्य शाखाओं से अलग हुआ था।

इक्वस मोसबाचेंसिस (Equus mosbachensis) के बारे में:

  • उत्पत्ति और काल: यह विलुप्त प्रजाति ‘मिडल प्लीस्टोसीन’ (Middle Pleistocene) युग (लगभग 9,00,000 से 3,00,000 साल पहले) के दौरान यूरोप में प्रमुखता से मौजूद थी।
  • विशाल शारीरिक संरचना: यह अब तक के सबसे बड़े ‘कैबलाइन’ (Caballine) घोड़ों में से एक था। इसकी ऊंचाई आधुनिक घोड़ों से काफी अधिक थी और इसकी टांगे लंबी व मजबूत थीं।
  • शारीरिक विशेषता: इसका सिर लंबा और संकरा था, जिसकी नाक का हिस्सा सीधा या थोड़ा उभरा हुआ (convex) था। इसकी आंखें सिर पर काफी ऊंचाई पर स्थित थीं।
  • आधुनिक घोड़ों का पूर्वज: आनुवंशिक शोध के अनुसार, यह उस वंश (Lineage) का हिस्सा है जिससे आधुनिक पालतू और जंगली घोड़ों की उत्पत्ति हुई।
  • पर्यावरणीय अनुकूलन: यह प्रजाति खुले घास के मैदानों (Steppes) और जंगलों के किनारे रहने के लिए अनुकूलित थी। इसकी शारीरिक संरचना इसे गति और ठंडे जलवायु में जीवित रहने में मदद करती थी।
  • मानव के साथ संबंध: जर्मनी के शोनिंगन (Schöningen) में इसके अवशेष प्राचीन लकड़ी के भालों के साथ मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आदिम मानव इनका शिकार भोजन के लिए करते थे।
  • दांतों की संरचना: इसके दांतों में प्राचीन (primitive) और आधुनिक (advanced) दोनों तरह की विशेषताएं थीं, जो इसे सख्त घास चबाने में सक्षम बनाती थीं।

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