400+ Lakhpati Didis invited as special guests on Republic Day 2026
संदर्भ:
गणतंत्र दिवस 2026 के भव्य अवसर पर कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में 400 से अधिक लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की प्रेरक महिलाओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा “समृद्ध दीदी से समृद्ध राष्ट्र | गणतंत्र दिवस अभिनंदन समारोह, 2026” के तहत इन ग्रामीण महिला उद्यमियों का सम्मान किया जा रहा है।
लखपति दीदी पहल:
लखपति दीदी पहल भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सूक्ष्म-उद्यमी बनाकर उनके जीवन स्तर में सुधार करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
परिभाषा और पात्रता:
- लखपति दीदी: एक स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्य, जिसकी वार्षिक घरेलू आय 1 लाख रुपये या उससे अधिक है।
- आय की निरंतरता: यह आय कम से कम चार कृषि सत्रों या व्यावसायिक चक्रों में निरंतर बनी रहनी चाहिए, जिसका औसत मासिक वेतन 10,000 रुपये से अधिक हो।
मुख्य लक्ष्य और बजट:
- लक्ष्य विस्तार: सरकार ने इस योजना का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाने का कर दिया है।
- वित्तीय सहायता: बजट 2025-26 के अनुसार, NRLM के तहत कुल केंद्रीय आवंटन लगभग 13,608 करोड़ रुपये है, जिसका उपयोग इन दीदियों के प्रशिक्षण और पूंजीकरण के लिए किया जा रहा है।
- उपलब्धि: जनवरी 2026 तक भारत में लगभग 1.48 करोड़ से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं।
कार्यान्वयन रणनीति और स्तंभ:
- कौशल विकास: महिलाओं को पारंपरिक कार्यों (सिलाई, बुनाई) के अलावा आधुनिक क्षेत्रों जैसे ड्रोन संचालन (नमो ड्रोन दीदी), LED बल्ब निर्माण और प्लंबिंग में प्रशिक्षित किया जाता है।
- पूंजीकरण सहायता: पात्र SHG को 20,000 से 30,000 रुपये का रिवॉल्विंग फंड और प्रति समूह 2.5 लाख रुपये तक का सामुदायिक निवेश कोष (CIF) प्रदान किया जाता है।
- बाजार जुड़ाव: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाता है।
महत्व:
- पलायन में कमी: गांवों में ही रोजगार सृजन से ग्रामीण-शहरी पलायन को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।
- SDG लक्ष्यों की प्राप्ति: यह पहल SDG 1 (गरीबी उन्मूलन) और SDG 5 (लैंगिक समानता) को प्राप्त करने में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
- वित्तीय समावेशन: ‘BC सखी’ (बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट) जैसी पहलों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाया जा रहा है।
विस्तार से जानिए: लखपति दीदी योजना

