70th Ati Vishisht Rail Seva Awards 2025
संदर्भ:
हाल ही में 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (AVRSP)-2025 समारोह का आयोजन नई दिल्ली के ‘यशोभूमि’ (Dwarka) में किया गया। जहां रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा कुल 100 रेलकर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
70वें पुरस्कार समारोह 2025 में पुरस्कार विजेता:
- साहस और निस्वार्थ सेवा: 22 कर्मियों को अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों और संपत्ति की रक्षा के लिए सम्मानित किया गया।
- नवाचार और प्रक्रिया सुधार: 17 अधिकारियों को उत्पादकता बढ़ाने और लागत कम करने वाले सुधारों के लिए पुरस्कृत किया गया।
- राजस्व वृद्धि: 14 कर्मियों को रेलवे की आय बढ़ाने और चोरी रोकने के लिए चुना गया।
- खेल उत्कृष्टता: 2 खिलाड़ियों को उनके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के लिए सम्मान मिला।
- संस्थानिक पुरस्कार: व्यक्तियों के अलावा, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोनों को 26 शील्ड प्रदान की गईं:
- गोविंद वल्लभ पंत शील्ड: संपूर्ण कार्यकुशलता के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) को प्रदान की गई।
- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग शील्ड: ईस्ट कोस्ट रेलवे को संयुक्त विजेता के रूप में सम्मानित किया गया।
- अन्य शील्ड: वैगन मेंटेनेंस और रनिंग रूम (आबू रोड) के लिए भी विशेष शील्ड दी गईं।
अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ (AVRSP) क्या हैं?
- भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाने वाला ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ (AVRSP) भारतीय रेलवे का सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक सम्मान है। जिसे पूर्व में ‘राष्ट्रीय रेल पुरस्कार’ के रूप में जाना जाता था।
- इसका उद्देश्य रेलवे के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने कर्तव्य से परे जाकर असाधारण साहस, नवीनता, दक्षता और समर्पण का प्रदर्शन किया है।
- समारोह का आयोजन रेल मंत्रालय द्वारा किया जाता है। यह पुरस्कार सामान्यतः ‘रेल सप्ताह’ समारोह के दौरान दिए जाते है। रेल सप्ताह का आयोजन 1953 से किया जा रहा है (पहली ट्रेन 1853 की याद में)।
- पुरस्कार में एक पदक, प्रशस्ति पत्र और नकद राशि प्रदान की जाती है।
- इसमें चयन हेतु एक उच्च स्तरीय समिति नामांकन की जांच करती है, जिसके बाद रेल मंत्री द्वारा अंतिम अनुमोदन दिया जाता है।
- भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (IRMS) के कैडर पुनर्गठन के बाद, यह पुरस्कार अंतर-विभागीय समन्वय को बढ़ावा देने का माध्यम बना है।
- रेलवे का प्राथमिक लक्ष्य ‘जीरो एक्सीडेंट’ है। पुरस्कारों का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षा श्रेणी को समर्पित किया जाता है ताकि कर्मचारियों के बीच सुरक्षा संस्कृति विकसित हो।

