Bio-input Resource Centres
संदर्भ:
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत जैव–इनपुट संसाधन केंद्र (Bio-input Resource Centres – BRC) की स्थापना के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को जैविक संसाधनों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
Bio-Input Resource Centres (BRCs) –
क्या हैं BRCs?
- Bio-Input Resource Centres (BRCs) प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं।
- इनका उद्देश्य रासायनिक–मुक्त और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है।
मुख्य कार्य:
- स्थानीय उत्पादन (Local Production)
- BRCs में जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र जैसे जैव इनपुट तैयार किए जाते हैं।
- ये इनपुट स्थानीय पशु–उत्पादों और पौधों से बनाए जाते हैं।
- इससे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है।
- प्रशिक्षण (Training)
- किसान और स्वयं सहायता समूहों को जैव–इनपुट बनाने और प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- स्थानीय उद्यमिता (Entrepreneurship)
- BRCs स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्व–रोजगार को बढ़ावा देते हैं।
- SHGs और किसानों को उद्यमी बनने का अवसर मिलता है।
- सुलभता और affordability
- छोटे और सीमांत किसानों को कम लागत में टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
- यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।
वित्तीय सहायता:
- 1 लाख रुपये प्रति BRC सहायता के रूप में मिलते हैं –
- दो किस्तों में: ₹50,000 + ₹50,000
NMNF के तहत BRC दिशा–निर्देशों का महत्व:
- स्थानीय स्तर पर इनपुट्स की उपलब्धता:
BRC (Bio-input Resource Centres) स्थानीय स्तर पर जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र जैसे जैव-उत्पाद तैयार कर किसानों को सस्ते और समय पर उपलब्ध कराएंगे। - समूह आधारित प्रयासों को बढ़ावा:
यह मॉडल ग्राम पंचायत स्तर पर समूह आधारित खेती को प्रोत्साहित करेगा, जिससे लागत में कमी आएगी और बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। - प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और विस्तार:
गुणवत्तापूर्ण और क्षेत्र विशेष के अनुसार बनाए गए जैव–उत्पाद उपलब्ध कराकर, यह दिशा-निर्देश प्राकृतिक व जैविक खेती का विस्तार सुनिश्चित करेंगे।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के बारे में:
- प्रकार: केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme)
- नोडल मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- शुरुआत की तारीख: 25 नवम्बर 2024
- मुख्य उद्देश्य:
- प्रकृति आधारित, टिकाऊ खेती प्रणाली को बढ़ावा देना
- रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करना
- आगामी 2 वर्षों का लक्ष्य:
- 15,000 क्लस्टर इच्छुक ग्राम पंचायतों में
- 1 करोड़ किसानों तक पहुंच बनाना
- 5 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को शामिल करना