The entire volcanic sequence of ancient Egypt
संदर्भ:
शोधकर्ताओं ने हाल ही में 4,500 वर्ष पुराने एक प्राचीन मिस्री व्यक्ति का संपूर्ण जीनोम सफलतापूर्वक अनुक्रमित किया है। यह उपलब्धि न केवल प्राचीन डीएनए अनुसंधान में एक बड़ी वैज्ञानिक प्रगति है, बल्कि इससे प्राचीन मिस्र की वंशावली, स्वास्थ्य, और जनसंख्या इतिहास को समझने में भी महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त होगी।
(The entire volcanic sequence of ancient Egypt) प्राचीन मिस्र का सबसे प्राचीन और संपूर्ण डीएनए अनुक्रमण:
अनुक्रमण का परिचय:
- यह डीएनए एक पुरुष का है जो मिस्र के ओल्ड किंगडम (तीसरे–चौथे राजवंश) से संबंधित था।
- यह अब तक का सबसे पुराना और पूर्ण जीनोम है जो प्राचीन मिस्र से प्राप्त हुआ है।
शव की स्थिति:
- यह शरीर काहिरा (मिस्र) के नुवैरात में मिट्टी के पात्र में दफन किया गया था।
- चट्टानों में कटे मकबरे में स्थिर दफन स्थिति के कारण शरीर अच्छी तरह संरक्षित रहा।
- दांत की जड़ों से डीएनए निकाला गया, जो गर्म जलवायु में भी इसके संरक्षण में सहायक रहा।
वैज्ञानिक महत्व:
- अभूतपूर्व डीएनए पुनर्प्राप्ति: यह पहला पूर्ण प्राचीन मिस्री जीनोम है, पहले उपलब्ध आंकड़े केवल आंशिक और अपेक्षाकृत नए काल (787 ई.पू.–23 ई.) से थे।
- संरक्षण की उपलब्धि: गर्म जलवायु में पूर्ण जीनोम अनुक्रमण दुर्लभ है। अधिकांश प्राचीन डीएनए अध्ययन ठंडी जलवायु वाले क्षेत्रों जैसे यूरोप और साइबेरिया तक सीमित रहे हैं।
सांस्कृतिक महत्व:
- वंशीय संबंध: इस व्यक्ति का लगभग 78% वंश नॉर्थ अफ्रीकी नवपाषाण युग की जनसंख्या से जुड़ा है, जबकि 22% वंश प्राचीन मेसोपोटामिया के किसानों से संबंधित है।
- अंतर–क्षेत्रीय संपर्क: यह खोज दर्शाती है कि 10,000 वर्ष पहले मिस्र और ईस्टर्न फर्टाइल क्रेसेंट के बीच आव्रजन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कृषि और लेखन पद्धतियों का प्रसार हुआ।
- ऐतिहासिक जुड़ाव: यह जीनोम सबूत देता है कि पिरामिड काल से बहुत पहले ही लंबी दूरी के आनुवंशिक और सांस्कृतिक संबंध स्थापित हो चुके थे।