India Trinidad and Tobago relations
संदर्भ:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिडाड और टोबैगो के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘The Order of the Republic of Trinidad and Tobago’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान भारत और त्रिनिडाड-टोबैगो के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को मान्यता देने का प्रतीक है।
द्विपक्षीय बैठक के मुख्य बिन्दु:
रणनीतिक और राजनयिक सहयोग–
- द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को दोहराया गया।
- भारत-त्रिनिदाद और टोबैगो संसदीय मैत्री समूह को फिर से शुरू करने पर सहमति।
आतंकवाद और वैश्विक शांति: आतंकवाद और सीमा-पार आतंकवाद की संयुक्त रूप से कड़ी निंदा।
डिजिटल और तकनीकी सहयोग:
- त्रिनिदाद और टोबैगो यूपीआई (UPI) अपनाने वाला पहला कैरेबियाई देश बना।
- इंडिया स्टैक (DigiLocker, e-Sign, GeM) के उपयोग पर सहमति।
- भारत भूमि पंजीकरण प्रणाली के डिजिटलीकरण में मदद करेगा ।
शिक्षा और क्षमता निर्माण:
- भारत ने 2000 लैपटॉप भेंट किए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु।
- हर वर्ष 85 आईटीईसी प्रशिक्षण स्लॉट्स, भारत से प्रशिक्षकों की तैनाती।
- फॉरेंसिक विज्ञान और न्याय प्रणाली में प्रशिक्षण की पेशकश।
स्वास्थ्य और फार्मा सहयोग:
- त्रिनिदाद सरकार ने इंडियन फार्माकोपिया को मान्यता दी।
- भारत करेगा 800 लोगों के लिए कृत्रिम अंग शिविर का आयोजन।
- 20 डायलिसिस यूनिट और 2 सी एम्बुलेंस भारत से उपहार स्वरूप।
कृषि और खाद्य सुरक्षा:
- भारत ने 1 मिलियन डॉलर मूल्य के कृषि उपकरण भेंट किए।
- मिलेट्स, समुद्री शैवाल उर्वरक और प्राकृतिक खेती में सहायता की पेशकश।
ऊर्जा और जलवायु सहयोग:
- त्रिनिदाद ने आपदा सहनशील अवसंरचना गठबंधन (CDRI) और जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होकर जलवायु प्रतिबद्धता जताई।
- विदेश मंत्रालय की छत पर सोलर सिस्टम भारत लगाएगा।
- आपदा चेतावनी प्रणाली और ‘Mission LiFE’ के लिए सहयोग।
संस्कृति और प्रवासी जुड़ाव:
- 2025–28 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (MoU) नवीनीकृत।
- हिंदी और भारतीय अध्ययन की अकादमिक चेयर पुनः शुरू।
- त्रिनिदाद के पंडितों को भारत में प्रशिक्षण, ‘गीता महोत्सव’ में सहभागिता।
- 6वीं पीढ़ी तक OCI कार्ड जारी करने का ऐलान।
व्यापार और निवेश: व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के व्यापार संगठनों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क पर ज़ोर।
खेल सहयोग:
- खेल सहयोग पर समझौता (MoU) हुआ — प्रशिक्षण, अवसंरचना, प्रतिभा विकास।
- त्रिनिदाद कीमहिला क्रिकेटरों को भारत में प्रशिक्षण।
संयुक्त राष्ट्र और ग्लोबल साउथ:
- त्रिनिदाद नेभारत के UNSC स्थायी सदस्यता को समर्थन दिया।
- UNSC अस्थायी सदस्यताके लिए दोनों देशों ने एक-दूसरे का समर्थन करने की सहमति जताई।
- संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु न्याय और वैश्विक दक्षिणकी आवाज़ बुलंद करने पर सहमति।
(India Trinidad and Tobago relations) भारत – त्रिनिदाद और टोबैगो संबंध:
- द्विपक्षीय संबंधों की स्थापना:
- 31 अगस्त 1962 को भारत और त्रिनिदाद व टोबैगो के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित हुए।
- तब से, दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण और घनिष्ठ संबंधों में निरंतर प्रगति देखी गई है।
- त्रिनिदाद और टोबैगो की भारत में राजनयिक मिशन भी सक्रिय है।
- उच्च स्तरीय यात्राओं का आदान–प्रदान: दोनों देशों के बीच समय-समय पर वरिष्ठ स्तर की यात्राएँ हुई हैं।
त्रिनिदाद और टोबैगो की ओर से:
- प्रधानमंत्री बासदेव पांडे ने जनवरी 1997 में भारत की राजकीय यात्रा की।
- वे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भी रहे।
भारत की ओर से: प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने फरवरी 1999 में त्रिनिदाद और टोबैगो की राजकीय यात्रा की।
निष्कर्ष: भारत और त्रिनिदाद व टोबैगो के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनयिक आधार पर सुदृढ़ हैं। उच्च स्तरीय यात्राओं और द्विपक्षीय सहयोग ने इस मैत्रीपूर्ण साझेदारी को और मजबूत किया है।