Delhi Fuel Ban for Old Vehicles
Delhi Fuel Ban for Old Vehicles –
संदर्भ:
दिल्ली सरकार ने 10 साल पुराने डीज़ल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन न देने का निर्णय वापस ले लिया है। यह कदम पहले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया था, लेकिन अब सरकार ने इसे लागू न करने का फैसला किया है।
क्या था नियम?
दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से निम्नलिखित वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं देने का नियम था:
- 10 साल से अधिक पुराने डीज़ल वाहन
- 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन
यह प्रतिबंध CAQM (Commission for Air Quality Management) के निर्देश पर लागू हुआ था।
पूरा कार्यान्वयन चरणबद्ध ढंग से होगा:
- दिल्ली में: 1 जुलाई 2025 से
- एनसीआर के उच्च घनत्व वाले जिलों में: 1 नवंबर 2025 से
- शेष एनसीआर क्षेत्र में: 1 अप्रैल 2026 से
प्रवर्तन के लिए तकनीकी उपाय:
- ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे 498 ईंधन स्टेशनों और 3 ISBTs पर लगाए गए थे।
- ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर VAHAN डेटाबेस से मिलान करते हैं।
- यदि वाहन End-of-Life Vehicle (ELV) श्रेणी में आता है, तो ऑडियो अलर्ट से कर्मचारियों को सूचना दी जाती है और ईंधन नहीं दिया जाता।
दिल्ली सरकार के वाहन प्रतिबंध की आलोचना के कारण:
- PUC वैध होने पर भी प्रतिबंध: वाहन की उम्र के आधार पर रोक तर्कहीन, तो PUC की उपयोगिता क्या?
- सिर्फ निजी वाहनों को निशाना: पराली जलाना, सड़क धूल जैसे बड़े कारणों की अनदेखी।
- मध्यवर्ग पर भार: आसान लक्ष्य बनाकर सामाजिक और आर्थिक असंतुलन।
- नीति में पारदर्शिता की कमी: नियमों का आधार स्पष्ट नहीं, व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन का अभाव।
- 15% टैक्स लेकर भी प्रतिबंध: वाहन मालिकों ने 15 साल का रोड टैक्स पहले ही दिया है, फिर 10 साल में रोक अन्यायपूर्ण।