NCM
संदर्भ:
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) अप्रैल 2025 से अकार्यशील है, क्योंकि आयोग के अध्यक्ष के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद से अब तक नया अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है। इससे आयोग के कार्यों और शिकायत निवारण प्रक्रियाओं पर प्रभाव पड़ा है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM)-
स्थापना:
- यह आयोग राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत गठित किया गया था।
- यह एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है जिसे भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है।
उद्देश्य:
- भारत के अधिसूचित धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा और संरक्षण करना।
अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय (Notified Minorities): वर्तमान में 6 समुदायों को अल्पसंख्यक घोषित किया गया है: मुस्लिम, ईसाई (Christian), सिख, बौद्ध, पारसी (जोरोएस्ट्रियन), जैन
संरचना (Composition):
- कुल 7 सदस्य होते हैं — जिनमें एक अध्यक्ष (Chairperson), एक उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson) और पाँच सदस्य (Members) शामिल हैं।
- सभी की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है।
- इनमें से कम से कम 5 सदस्य, जिसमें अध्यक्ष भी शामिल हो, अल्पसंख्यक समुदाय से होने चाहिए।
कार्यकाल (Tenure):
- प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।
- सदस्य पुनः नियुक्ति के लिए पात्र होते हैं।
अधिकार (Powers): — दीवानी न्यायालय जैसे जांच करते समय आयोग को निम्नलिखित शक्तियाँ प्राप्त होती हैं:
- व्यक्तियों कोसमन भेजना और उपस्थिति सुनिश्चित करना
- दस्तावेज़ों की मांग करना
- शपथ-पत्रों (affidavits) के रूप में साक्ष्य प्राप्त करना
- न्यायालयों या कार्यालयों से अभिलेख (records) मंगवाना