India saudi arabia agreement
India saudi arabia agreement –
संदर्भ:
भारत की तीन प्रमुख उर्वरक कंपनियों – इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), कृभको (KRIBHCO) और कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइज़र लिमिटेड (CIL) – ने सऊदी अरब की माआदेन कंपनी के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते की प्रमुख विशेषताएं
- वार्षिक आपूर्ति: वित्त वर्ष 2025–26 से हर साल 1 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) DAP उर्वरक की आपूर्ति।
- समयावधि: 5 वर्षों के लिए वैध, और आपसी सहमति से 5 और वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है।
- आयात में वृद्धि:
- FY 2023–24: 1.6 MMT
- FY 2024–25: 1.9 MMT
- FY 2025–26: 3.1 MMT
- अन्य उर्वरकों (जैसे यूरिया और कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स) को लेकर भी चर्चाएं जारी।
समझौते का महत्व
- दीर्घकालिक उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करता है, विशेषकर वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अस्थिरता के बीच।
- भारत की रणनीतिक साझेदारी को वेस्ट एशिया में मजबूत करता है।
- उद्योग में आपसी निवेश को बढ़ावा:
- भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों का सऊदी परियोजनाओं में निवेश
- सऊदी निवेशकों का भारत में निवेश
- भारत–केंद्रित अनुसंधान और नवाचार:
- उर्वरकों के वैकल्पिक और सतत समाधान
- फसल-विशिष्ट पोषक तत्वों का विकास
निष्कर्ष: यह समझौता भारत की खाद्य और कृषि सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक उपलब्धि है और भारत-सऊदी अरब साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।