BIMSTEC Ports Conclave 2025
संदर्भ:
द्वितीय BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) पोर्ट्स कॉन्क्लेव का उद्घाटन केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में किया गया।
BIMSTEC Ports Conclave 2025: प्रमुख तथ्य
स्थान एवं अवधि: दो दिवसीय BIMSTEC पोर्ट्स कॉन्क्लेव विशाखापत्तनम पोर्ट प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित हुआ।
तिथि: 14–15 जुलाई 2025
थीम: Blue Economy, Innovation and Sustainable Partnerships (नीली अर्थव्यवस्था, नवाचार और सतत साझेदारी)
सदस्य देशों की भागीदारी: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के पोर्ट प्राधिकरणों एवं मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्य उद्देश्य:
- हाल ही में हस्ताक्षरित BIMSTEC Agreement on Maritime Transport Cooperation (AMTC) को क्रियान्वित करना
- बंदरगाह-आधारित विकास पर संवाद को बढ़ावा देना
- समुद्री व्यापार, लॉजिस्टिक्स, क्रूज़ पर्यटन और कौशल विकास में गहन एकीकरण को बढ़ावा देना
प्रमुख पहल: BIMSTEC Sustainable Maritime Transport Centre की स्थापना की जाएगी, जो कि Indian Ocean Centre of Excellence for Sustainable Maritime Transport (IOCE-SMarT), मुंबई के तहत कार्य करेगा।
BIMSTEC पोर्ट्स कॉन्क्लेव 2025: प्रमुख तथ्य
प्रतिभागी देश एवं संस्थाएं:
- BIMSTEC सदस्य देश: भारत, बांग्लादेश, भूटान, थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका और नेपाल।
- प्रतिभागी:
- परिवहन और पोर्ट्स मंत्री
- वरिष्ठ सरकारी अधिकारी
- शिपिंग कॉर्पोरेशनों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के प्रतिनिधि
- पोर्ट ट्रस्ट्स
- एशियाई विकास बैंक (ADB) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञ
एजेंडा:
- BIMSTEC क्षेत्र में समुद्री विकास को बढ़ावा देने के लिए निजी निवेश और अवसंरचनात्मक साझेदारियों को प्रोत्साहित करना।
- कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट कॉरिडोर को तेजी से पूरा करने पर चर्चा – जो कोलकाता पोर्ट को म्यांमार के सिटवे पोर्ट से जोड़ेगा।
- तटीय पर्यटन सर्किट और हेरिटेज क्रूज़ लाइन को पहचानने और बढ़ावा देने की योजना।
- ग्रीन एनर्जी, सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स, और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के जरिए नीली अर्थव्यवस्था को सशक्त करना।
- ग्रीन हाइड्रोजन, डिकार्बोनाइजेशन पाथवे, स्मार्ट लॉजिस्टिक कॉरिडोर, SEZs, और पोर्ट-लिंक्ड औद्योगिकीकरण पर गहन विचार-विमर्श।
BIMSTEC: एक परिचय
स्थापना:
- वर्ष 1997 में बैंकॉक डिक्लरेशन पर हस्ताक्षर के साथ गठित हुआ।
उद्देश्य:
- आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, और विज्ञान, प्रौद्योगिकी व अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना।
- दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बंगाल की खाड़ी से जुड़े देशों को एकजुट करना।
प्रारंभिक सदस्य (1997): बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड
मुख्य उद्देश्य:
- आर्थिक विकास में सहयोग
- सामाजिक और तकनीकी प्रगति को समर्थन
- विज्ञान, तकनीक, परिवहन, ऊर्जा, पर्यटन, मत्स्य पालन और कृषि जैसे क्षेत्रों में साझा विकास को प्रोत्साहन