Obesity
संदर्भ:
भारत में मोटापा एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि यह न केवल घर–स्तर पर समूहबद्ध हो रहा है, बल्कि इसका संबंध कैंसर जैसे गंभीर रोगों के बढ़ते खतरे से भी जुड़ा है।
मोटापा (Obesity): एक व्यापक विश्लेषण
परिभाषा (WHO के अनुसार)
- मोटापा एक असामान्य या अत्यधिक वसा संचय है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
- BMI (बॉडी मास इंडेक्स) द्वारा मोटापे का आकलन किया जाता है:
- 25 या उससे अधिक: अधिक वजन (Overweight)
- 30 या उससे अधिक: मोटापा (Obese)
- BMI = वजन (kg) ÷ ऊंचाई² (मीटर²)
भारत में मोटापा: NFHS-5 आँकड़े
- महिलाएँ (15–49 वर्ष): 24% अधिक वजन या मोटापे की शिकार
- पुरुष (15–49 वर्ष): 22.9% अधिक वजन या मोटापे के शिकार
- पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चे:
- NFHS-4 (2015–16): 2.1%
- NFHS-5 (2019–21): 3.4% (स्पष्ट वृद्धि)
- राज्य, लिंग और ग्रामीण–शहरी आधार पर मोटापा: 8% से लेकर 50% तक भिन्नता
वैश्विक स्तर पर मोटापा
- बच्चे व किशोर (5–19 वर्ष): 1990 में 2% → 2022 में 8% (4 गुना वृद्धि)
- वयस्क (18+ वर्ष): 1990 में 7% → 2022 में 16% (दोगुनी से अधिक वृद्धि)
मोटापे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम
- हृदय रोग: भारतीयों में दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप अन्य देशों की तुलना में 10 साल पहले होता है।
- मधुमेह (Diabetes): भारत में 101 मिलियन मधुमेह रोगी, मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण टाइप–2 मधुमेह की संभावना बढ़ाता है।
- कैंसर: मोटापे से कैंसर का खतरा बढ़ता है
- 2022 में 14.6 लाख केस → 2025 तक 15.7 लाख तक पहुंचने की आशंका
- जोड़ों के रोग: घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ने से ऑस्टियोआर्थराइटिस और पीठ दर्द की संभावना
- मानसिक व सामाजिक प्रभाव: बुलिंग, शर्मिंदगी से कम आत्म–सम्मान, डिप्रेशन, एंग्जायटी, बच्चों की पढ़ाई और जीवन की गुणवत्ता पर असर
आर्थिक प्रभाव
- 2019: भारत को $28.95 अरब (₹1,800 प्रति व्यक्ति) का नुकसान (GDP का 02%)
- 2030 तक अनुमान: ₹4,700 प्रति व्यक्ति, GDP का 57% तक पहुंच सकता है
नीति संबंधी पहल
- आर्थिक सर्वेक्षण 2024–25:
- मोटापे को प्रमुख स्वास्थ्य चुनौती के रूप में मान्यता दी गई
- अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (Ultra-Processed Foods – UPF) पर उच्च कर लगाने की सिफारिश
भारत सरकार की मोटापा रोकथाम हेतु रणनीतिक रूपरेखा:
- NP-NCD कार्यक्रम: मोटापे से जुड़ी बीमारियाँ जैसे हृदय रोग (27%), कैंसर (9%), मधुमेह (3%) आदि पर ध्यान केंद्रित।
- AYUSH मंत्रालय: पंचकर्म, आहार व योग आधारित आयुर्वेदिक उपचार।
- Fit India Movement (2019): फिटनेस को बढ़ावा, स्कूल सर्टिफिकेशन, साइक्लिंग व योग अभियान।
- Eat Right India: सुरक्षित, पौष्टिक और टिकाऊ भोजन की संस्कृति को बढ़ावा।
- ‘Aaj Se Thoda Kam’ (FSSAI): फैट, शुगर, नमक की मात्रा कम करने की अपील।
- HFSS फूड लेबलिंग: हाई फैट, नमक व शुगर वाले खाद्य उत्पादों पर अनिवार्य फ्रंट-ऑफ-पैक लेबल।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार: 2027 तक सभी जिलों में डे-केयर कैंसर केंद्र, रोकथाम में सहायक।