25% tariff on India
25% tariff on India –
संदर्भ:
अमेरिका के साथ व्यापार समझौता भारत के लिए अभी भी मुश्किल बना हुआ है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ताजा हमला बोलते हुए 1 अगस्त की समय सीमा से पहले संभावित रूप से भारत पर 25% तक टैरिफ की चेतावनी दी है।
परिचय:
- डोनाल्ड ट्रंप ने America First” नीति के तहत, अमेरिकी कंपनियों और नौकरियों की रक्षा को प्राथमिकता दी।
- इसी नीति के तहत उन्होंने आयातित वस्तुओं पर भारी टैरिफ (शुल्क) लगाए
- Trump की Tariff नीतियों का मूल उद्देश्य:
- अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना,
- घरेलू उद्योगों को सस्ता विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाना,
- नौकरियों को अमेरिका में बनाए रखना।
25% टैरिफ़ की धमकी: भारत पर कितना असर पड़ेगा ?
- टेक्सटाइल और गारमेंट्स पर 20–25% टैरिफ लगने से भारत के इन उत्पादों की कीमत अमेरिकी बाजार में बढ़ सकती है, जिससे निर्यात और व्यापार दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- ज्वेलरी और डायमंड पर 26–27% टैरिफ लगने से इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे अमेरिका में भारत की मांग घट सकती है और खरीदार वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख कर सकते हैं।
- अगर ऑटो सेक्टर पर 25–27% तक अतिरिक्त टैरिफ लागू हुआ, तो पहले से मौजूद स्टील और एल्युमिनियम टैरिफ के साथ मिलकर भारतीय ऑटो उत्पादों की अमेरिकी बाजार में मांग प्रभावित हो सकती है।
- टैरिफ बढ़ने से भारत के मोबाइल, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद महंगे हो सकते हैं, जिससे अरबों डॉलर का निर्यात घटने के साथ अमेरिका अन्य देशों से व्यापार बढ़ा सकता है
- केमिकल सेक्टर भी इससे प्रभावित हो सकता है।
कौन-से सेक्टर में छूट की सम्भावना ?
- टैरिफ लागू होने पर फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा उत्पाद और कॉपर जैसे क्षेत्रों को छूट मिल सकती है, क्योंकि ये अमेरिका की जरूरतों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
निष्कर्ष:
ट्रंप की संभावित टैरिफ नीतियां भारत के टेक्सटाइल, ज्वेलरी, ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल जैसे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे निर्यात में गिरावट आ सकती है। हालांकि फार्मा, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा उत्पादों को छूट मिल सकती है। ऐसे में भारत को व्यापारिक रणनीतियों को मजबूत करना होगा।