COP15
COP15 –
संदर्भ:
जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में आयोजित रामसर कन्वेंशन की 15वीं बैठक (COP15) संपन्न हो गई। इस बैठक में आर्द्रभूमियों के पुनर्स्थापन, प्रवासी पक्षियों और अन्य प्रजातियों की सुरक्षा तथा न्यायसंगत प्रबंधन से जुड़े नए प्रस्तावों को अपनाया गया।
मुख्य बिंदु:
- यह सम्मेलन दुनिया भर के हितधारकों को ताजे जलवायु पारिस्थितिक तंत्रों पर मंडरा रहे खतरों पर चर्चा के लिए एकत्रित करता है।
- ज़िम्बाब्वे ने चीन से तीन साल की रामसर कन्वेंशन की अध्यक्षता अपने हाथ में ली।
- अगली बैठक COP16 पनामा में 2028 में आयोजित की जाएगी।
प्रमुख निष्कर्ष:
- COP15 में 13 प्रस्तावों को पारित किया गया, जो आर्द्रभूमियों के संरक्षण और पुनर्स्थापन में वैश्विक प्रगति को दर्शाते हैं।
- ये प्रस्ताव राष्ट्रीय कार्रवाई, निगरानी प्रणाली, क्षमता निर्माण, जलवायु अनुकूलन, और आपदा जोखिम न्यूनीकरण में आर्द्रभूमियों के एकीकरण पर केंद्रित रहे।
- एक अहम निष्कर्ष था “विक्टोरिया फॉल्स घोषणा“, जिसमें राजनीतिक इच्छाशक्ति, संसाधनों की जुटान और टिकाऊ आर्द्रभूमि प्रबंधन में निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
घोषणा की मुख्य बातें:
- क्षतिग्रस्त ताजे जलवायु पारिस्थितिक तंत्रों की पुनर्स्थापना।
- प्रवासी पक्षियों की रक्षा।
- अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों को नामित करने के लिए साफ़ और सुसंगत मानदंडों को अपनाना।
रणनीतिक योजना और बजट:
- एक नई रणनीतिक योजना को मंजूरी दी गई, जिसमें 4 लक्ष्य और 18 लक्ष्य बिंदु शामिल हैं।
- हालांकि दीर्घकालिक वित्तपोषण में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली, फिर भी 2025–2027 के लिए कोर बजट को 1% बढ़ाकर 15.5 मिलियन स्विस फ्रैंक कर दिया गया।
अन्य स्वीकृत प्रस्तावों में शामिल हैं:
- समान और सहभागी शासन प्रणाली
- शहरी आर्द्रभूमियों का संरक्षण