Pong Dam
संदर्भ:
पोंग बांध का जलस्तर अधिकतम अनुमेय सीमा 1,390 फीट से ऊपर बना रहा, जिससे निचले क्षेत्रों में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।
Pong Dam के बारे में:
- स्थान और प्रकार: Pong Dam, जिसे Beas Dam भी कहा जाता है, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शिवालिक पहाड़ियों के वेटलैंड पर बने Beas नदी पर स्थित एक अर्थ-फिल (earth-fill) बांध है।
- उद्देश्य: मुख्य रूप से सिंचाई के लिए जल भंडारण और जलविद्युत उत्पादन।
- निर्माण अवधि: बांध का निर्माण 1961 में शुरू हुआ और 1974 में पूरा हुआ। उस समय यह अपने प्रकार का देश का सबसे ऊँचा बांध था।
Pong Dam की विशेषताएँ:
- प्रकार और आकार: Pong Dam एक अर्थ-फिल (earth-fill) एम्बैंकमेंट बांध है, जिसमें ग्रेवेल शेल (gravel shell) शामिल है।
- ऊँचाई और लंबाई: बांध की ऊँचाई 133 मीटर और लंबाई 1,951 मीटर है।
- क्रेस्ट की चौड़ाई और ऊँचाई: क्रेस्ट की चौड़ाई 72 मीटर है और यह समुद्र तल से लगभग 435.86 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
- बेस की चौड़ाई और आयतन: बांध का बेस लगभग 610 मीटर चौड़ा है और इसका कुल आयतन 35,500,000 घन मीटर है।
आर्टिफिशियल झील: बांध के जलस्तर बढ़ने से महाराणा प्रताप सागर नामक कृत्रिम झील बनी।
पक्षी संरक्षण: 1983 में इस झील को विविध जलपक्षियों के कारण पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया।
रैमसर साइट: समय के साथ यह स्थल प्रवासी पक्षियों के लिए अभयारण्य बन गया और 2002 में इसे रैमसर वेटलैंड साइट के रूप में मान्यता मिली।