New complex of the Prime Minister Office is now named Seva Teerth
संदर्भ:
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नए परिसर का नाम “सेवा तीर्थ” होगा। यह परिसर पहले एक्सक्लूसिव एनक्लेव के नाम से जाना जाता था। नाम परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक भारत में शासन के बदलते मूल्यों, प्राथमिकताओं, और नवीन प्रशासनिक दर्शन का संकेतक है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर:
- परिचय: प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister’s Office – PMO) भारत की उच्चतम कार्यकारी इकाई है, जो प्रधानमंत्री को नीति-निर्माण, शासन समन्वय, राष्ट्रीय सुरक्षा, और रणनीतिक निर्णयों में सहायता प्रदान करती है। PMO सीधे प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करता है और देश के प्रशासनिक तंत्र का केंद्रीय तंत्रिका-तंत्र माना जाता है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों में PMO सीमित आकार का था, परंतु 1960 के दशक से इसकी भूमिका और संरचना विस्तृत होती गई। 1977 में PMO की औपचारिक संरचना स्थापित की गई।
- वर्तमान PMO: अब तक PMO का मुख्य कार्यालय South Block, Raisina Hill, New Delhi में है, जहाँ से प्रधानमंत्री का प्रशासन संचालित होता था। यह कार्यालय— विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, केंद्रीय सचिवालय के पास स्थित है।
- नया PMO परिसर: दिसंबर 2025 में केंद्र सरकार ने घोषणा की कि नया PMO परिसर ‘सेवा तीर्थ’ कहलाएगा। यह नया परिसर— पहले Executive Enclave नाम से जाना जाता था। Central Vista Redevelopment Project का हिस्सा है। इसे प्रधानमंत्री निवास के निकट बनाया जा रहा है, जो अब अंतिम निर्माण चरण में है।
नए PMO परिसर में शामिल प्रमुख संस्थान:
सेवा तीर्थ नामक नए परिसर में निम्न संस्थान होंगे— प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय (Cabinet Secretariat), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS), इंडिया हाउस (उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं का स्थल)। नए परिसर को प्रधानमंत्री निवास के नज़दीक स्थानांतरित करने से निर्णय-निर्माण की गति बढ़ेगी, सुरक्षा प्रबंधन अधिक कुशल होगा और अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत होगा।
PMO की प्रमुख भूमिकाएँ:
- नीति-निर्माण समन्वय: सभी मंत्रालयों की नीतियों को प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों से जोड़ता है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन: NSCS, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) आदि के साथ समन्वय।
- शासन की निगरानी: महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों एवं मिशनों की प्रगति की समीक्षा।
- लोक संपर्क: जन-शिकायतों और सुझावों के लिए PMO Public Grievance Portal संचालित करता है।
- राजनयिक एवं रणनीतिक संवाद: विदेश नीति के अहम बिंदुओं पर प्रधानमंत्री को इनपुट प्रदान करता है।
सेंट्रल विस्टा जीर्णोद्धार परियोजना (Central Vista Redevelopment Project):
- Central Vista Redevelopment Project भारत सरकार की एक प्रमुख शहरी और प्रशासनिक पुनर्विकास पहल है, जिसकी घोषणा 2019 में की गई थी।
- इसका उद्देश्य नई दिल्ली के केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्र को आधुनिक, सुरक्षित, तकनीकी रूप से सक्षम, और भविष्य उन्मुख बनाना है। यह क्षेत्र भारत के संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन, और अन्य उच्च सरकारी संस्थानों का मुख्य केंद्र है।
- इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य पुराने सरकारी भवनों को बदलकर ऐसी अवसंरचना तैयार करना है जो भूकंपीय सुरक्षा का पालन करे और राष्ट्रीय संस्थानों की पहचान और गौरव को प्रतिबिंबित करे।
- परियोजना की लागत विभिन्न चरणों में विभाजित है। अनुमानित कुल व्यय 13,000–14,000 करोड़ रुपये के आस-पास माना जाता है, जिसमें संसद भवन, सचिवालय, PMO परिसर, सार्वजनिक स्थल, और अन्य अवसंरचनाएँ शामिल हैं।
- केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत कर्तव्य पथ (राजपथ) का नवीनीकरण, नए केंद्रीय सचिवालय भवनों का निर्माण और नए PMO परिसर (‘सेवा तीर्थ’) के साथ-साथ उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नए आवासों का निर्माण किया जा रहा है।
- नया संसद भवन: यह त्रिकोणीय डिजाइन का आधुनिक भवन है, जिसमें बेहतर तकनीक और अधिक सांसदों की क्षमता है। 28 मई, 2023 को इसका उद्घाटन किया गया था।
- कर्तव्य पथ: 2022 में इसका नवीनीकरण किया गया, ताकि यह सार्वजनिक उपयोग के लिए बेहतर हो और इसमें हरियाली और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल हो।
- नए केंद्रीय सचिवालय भवन: सभी मंत्रालयों को एक ही जगह लाने के लिए आधुनिकीकृत दफ्तरों का निर्माण किया जाएगा।
- नया PMO परिसर: इसे ‘सेवा तीर्थ’ कहा जाएगा और इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और इंडिया हाउस शामिल होंगे।
- उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नए आवास: इनके लिए अधिक सुरक्षित और प्रभावी स्थान पर नए आवासों का निर्माण प्रस्तावित है।
नए PMO के ‘सेवा तीर्थ’ नामकरण का महत्व:
- राजनीतिक प्रतीकवाद: यह नामकरण सरकार द्वारा अपनाए गए व्यापक प्रतीकात्मक सुधारों की कड़ी है। यह राजनीतिक दर्शन अंत्योदय’, ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ और ‘नागरिक प्रथम शासन’ जैसी अवधारणाओं से जुड़ा है।
- प्रशासनिक नैतिकता: ‘सेवा तीर्थ’ प्रशासनिक तंत्र को यह याद दिलाता है कि सरकारी अधिकारी और संस्थान कर्तव्य और सेवा के मूल सिद्धांतों पर आधारित हैं, न कि विशेषाधिकार या शक्ति पर।
- राष्ट्रीय प्राथमिकता: प्रधानमंत्री कार्यालय जैसे सर्वोच्च संस्थान का नया नाम पूरे शासन तंत्र को यह संकेत देता है कि नीति निर्माण और प्रशासन का उद्देश्य देश के लोगों के लिए व्यावहारिक और मानवीय प्रणाली विकसित करना है।
सरकार द्वारा किए गए अन्य नामकरण:
- Rajpath → Kartavya Path (2022)
- Race Course Road → Lok Kalyan Marg (2016)
- Raj Bhavan → Lok Bhavan (2025)
- Central Secretariat → Kartavya Bhavan (2024–25 चरणबद्ध नामकरण)

