India-Russia relations
संदर्भ:
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 04-05 दिसंबर 2025 को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत की यात्रा पर हैं। यह एक महत्वपूर्ण सम्मेलन है, जो भारत-रूस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और वैश्विक मुद्दों पर संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
भारत-रूस संबंध: विस्तार से
भारत-रूस संबंध दशकों पुराने, मजबूत और रणनीतिक हैं, जो रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और बहुपक्षीय मंचों पर गहरे विश्वास और साझा हितों पर आधारित हैं, जो शीत युद्ध के बाद भी स्थिर रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और परस्पर हितों का एक लंबा इतिहास है।
- राजनीतिक संबंध: भारत और रूस की राजनीतिक साझेदारी बहुस्तरीय और गतिशील है। सर्वोच्च संस्थागत तंत्र प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति स्तर के वार्षिक शिखर सम्मेलन हैं। उच्च स्तरीय बातचीत के अन्य प्रारूपों में “2+2 संवाद” (विदेश और रक्षा मंत्री) और अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी) शामिल हैं। अगस्त 2025 में विदेश मंत्री की रूस यात्रा के दौरान 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य पर बल दिया गया।
- आर्थिक और व्यापारिक संबंध: भारत-रूस आर्थिक सहयोग आईआरआईजीसी-टीईसी के माध्यम से संचालित होता है। अगस्त 2025 में 26वें सत्र में टैरिफ एवं गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुधारने, भुगतान प्रणाली को सुचारू करने और 2030 तक व्यापार लक्ष्य प्राप्त करने पर चर्चा हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 68.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा, जिसमें भारत का निर्यात 4.9 बिलियन और रूस से आयात 63.8 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश का लक्ष्य 2025 तक 50 बिलियन डॉलर और 2030 तक वार्षिक व्यापार 100 बिलियन डॉलर है।
- रक्षा सहयोग: भारत-रूस रक्षा संबंध दशक पुराने सैन्य-तकनीकी समझौते (2021-2031) पर आधारित हैं। यह सहयोग क्रेता-विक्रेता ढांचे से आगे बढ़कर संयुक्त अनुसंधान, विकास और सह-उत्पादन तक विस्तारित हो गया है। प्रमुख परियोजनाओं में ब्रह्मोस मिसाइल, सुखोई SU-30MKI, टी-90 टैंक, एस-400 प्रणाली, आईएनएस विक्रमादित्य और AK-203 असॉल्ट राइफल्स शामिल हैं। 2025 में संयुक्त नौसेना अभ्यास इंद्र-2025 और सेना एवं वायु सेना अभ्यास जैपड-2025 आयोजित हुए।
- संसदीय और प्रशासनिक सहयोग: लोकसभा और रूसी स्टेट ड्यूमा के बीच अंतर-संसदीय आयोग ने संसदीय सहयोग को मजबूत किया है। इसके तहत दोनों सदनों की बैठकें, प्रतिनिधिमंडल यात्राएं और नीति समन्वय किए जाते हैं। 2025 में कई भारतीय सांसदों ने रूस का दौरा किया और आतंकवाद विरोधी सहयोग एवं सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर विचार विमर्श किया।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: भारत और रूस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सह-कार्य कर रहे हैं। इसमें गगनयान मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन, नैनो टेक्नोलॉजी, सामग्री विज्ञान और परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र रूस के सहयोग से स्थापित हुआ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर कार्य समूह नियमित बैठकें आयोजित करता है और नवाचार एवं तकनीकी व्यावसायीकरण को बढ़ावा देता है।
- शिक्षा और मानव संसाधन विकास: भारत और रूस के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (EEP), उच्च शिक्षा संस्थानों का नेटवर्क (RIN), SPARC और GIAN जैसे पहलुओं के माध्यम से शिक्षा सहयोग चल रहा है। लगभग 20,000 भारतीय छात्र रूस के मेडिकल, इंजीनियरिंग और विज्ञान पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं। रूस की ITEC छात्रवृत्ति योजना में भी सहभागिता जारी है।
- सांस्कृतिक सहयोग: भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान सदियों पुराना है। जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र मॉस्को में नियमित कार्यक्रम आयोजित करता है। योग, कथक, भरतनाट्यम और संगीत कार्यक्रम रूसी नागरिकों में लोकप्रिय हैं। ICCR और रूसी संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से लगभग प्रत्येक वर्ष भारतीय सांस्कृतिक दल रूस का दौरा करते हैं।
निष्कर्ष:
23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन से राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, विज्ञान, शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी। यह भारत को वैश्विक रणनीतिक मंच पर प्रभाव और सांस्कृतिक कूटनीति बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।

