Health and National Security Cess Bill 2025
संदर्भ:
हाल ही में लोकसभा से स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025 पारित हुआ। जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य अवसंरचना, राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र, और जन-अभिशासन के लिए वित्तीय संसाधनों को सुदृढ़ बनाना है। सरकार के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में सरकारी स्वास्थ्य व्यय का GDP में हिस्सा लगातार बढ़ा है, जिससे एक दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा ढाँचे की नींव तैयार करना आवश्यक हो गया है।
स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 के मुख्य प्रावधान:
- उपकर का दायरा: इस विधेयक में पान मसाला, तंबाकू आधारित उत्पादों, तथा उन अन्य वस्तुओं पर उपकर (Cess) लगाने की अनुमति दी गई है जिन्हें केंद्र सरकार अधिसूचित कर सकती है। उपकर से प्राप्त राजस्व को विशेष रूप से स्वास्थ्य कार्यक्रमों और राष्ट्रीय सुरक्षा निधियों के लिए निर्धारित किया गया है।
- उत्पादन आधारित उपकर व्यवस्था: विधेयक के अनुसार, पान मसाला निर्माण में प्रयुक्त फिल-एंड-सील मशीन, पैकिंग मशीन या अन्य उत्पादन प्रक्रियाओं पर उपकर लगाया जाएगा।
- उपकर की गणना का आधार: उपकर की गणना दो प्रमुख मानकों पर आधारित होगी: प्रति मिनट बनने वाले पाउच/टिन/कंटेनर की संख्या और प्रति पाउच 2.5 ग्राम से अधिक 10 ग्राम तक के उत्पाद भार
- करदाता की उत्तरदायित्व प्रणाली: निर्माताओं को उपकर का स्व–मूल्यांकन, मासिक रिटर्न दाखिल, तथा देरी होने पर ब्याज चुकाने की बाध्यता होगी। यह मॉडल GST की स्व-घोषणा प्रणाली के समान है।
- दंडात्मक प्रावधान: विधेयक में ऐसे अपराधों को दंडनीय माना गया है, जिसमें बिना घोषित मशीनों का उपयोग, उपकर भुगतान में विफलता, पंजीकरण न कराना, जब्त सामग्री में छेड़छाड़ करना शामिल है।
- स्वास्थ्य हेतु राजस्व आवंटन: उपकर से प्राप्त राशि का एक हिस्सा राज्यों को दिया जाएगा ताकि वे— स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य योजनाओं, जीवनशैली संबंधी रोग रोकथाम अभियानों को लागू कर सकें। यह मॉडल सहकारी संघवाद का प्रतीक है, जहाँ केंद्र और राज्य मिलकर स्वास्थ्य निवेश बढ़ाते हैं।
- लेखा-परीक्षण: विधेयक के अनुसार, आयुक्त या उससे उच्च अधिकारी निर्माण इकाइयों का ऑडिट कर सकते हैं। यदि कोई उपकर बकाया पाया जाता है तो अधिकारी रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
उपकर (Cess) क्या है?
उपकर (Cess) एक प्रकार का विशेष कर है, जिसे सरकार किसी विशिष्ट उद्देश्य, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, या किसानों की मदद के लिए धन जुटाने हेतु लगाती है। इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग केवल निर्धारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिया किया जाता है। यह मुख्य टैक्स (आयकर) के ऊपर एक अतिरिक्त टैक्स (कर पर कर) होता है, जिसे निर्धारित लक्ष्य के पूरा होने पर खत्म किया जा सकता है। उपकर से प्राप्त पूरा पैसा केंद्र सरकार के पास रहता है और भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में जाता है।

