Apni Pathshala

सेंचुरी वाइल्डलाइफ़ सर्विस अवॉर्ड 2025 (Century Wildlife Service Award 2025) | Apni Pathshala

Century Wildlife Service Award 2025

Century Wildlife Service Award 2025

संदर्भ:
इस वर्ष सेंचुरी वाइल्डलाइफ़ सर्विस अवॉर्ड 2025 BNHS वैज्ञानिक डॉ. परवीन शेख को दिया गया, उन्होंने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में लुप्तप्राय इंडियन स्किमर के संरक्षण के लिए स्थानीय समुदायों को जोड़कर एक ऐसा मॉडल बनाया, जिसने इस प्रजाति की प्रजनन सफलता और जनसंख्या वृद्धि को संरक्षित करने में ऐतिहासिक योगदान दिया।

परवीन शेख का संरक्षण कार्य:

  • अनुसंधान की शुरुआत: परवीन शेख ने 2016 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में इंडियन स्किमर (Rynchops albicollis) पर गहन अध्ययन शुरू किया, जिसे IUCN ने ‘Endangered’ श्रेणी में रखा है। उनका प्रारंभिक लक्ष्य था—घोंसले की पारिस्थितिकी, जीवित रहने की दर और प्राकृतिक तथा मानवजनित खतरों का आकलन।

  • समस्या की पहचान: 2016–2018 के बीच किए गए अध्ययन में पाया गया कि इंडियन स्किमर बिना संरचना वाले घोंसले उजली रेतीली टापुओं पर बनाते हैं, जो गर्मियों की नदी-स्तर गिरने पर शिकारियों और पशुओं के आसान पहुँच में आ जाते थे, जिससे घोंसलों की लगभग पूर्ण विफलता होती थी।

  • ‘नेस्ट गार्डियन’ पहल का विकास: लगातार कम जीवित रहने की दर के बाद 2019 में परवीन शेख ने स्थानीय समुदायों को शामिल करते हुए ‘नेस्ट गार्डियन’ पहल का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इसमें समुदाय को प्रशिक्षित कर शिकारी-रोधी बाड़, निगरानी और रात्रिकालीन गश्त जैसी गतिविधियों को लागू किया गया।

  • संरक्षण परिणाम: जहाँ पहले जीवित रहने की दर लगभग शून्य थी, वहीं संरक्षण हस्तक्षेपों के बाद यह 60% तक बढ़ गई। BNHS के जनवरी 2024 के सर्वेक्षण के अनुसार—

  • भारत में इंडियन स्किमर की कुल संख्या: 1812
  • चंबल में संख्या: 544
  • 2020 में कुल अनुमानित संख्या: 1159
  • सामाजिक प्रभाव: यह पहल केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने नदी-आधारित वंचित समुदायों को स्थायी आजीविका भी प्रदान की, जिससे संरक्षण और विकास दोनों लक्ष्यों का संतुलन सुनिश्चित हुआ।

BNHS का परिचय:

  • 1883 में स्थापित बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) भारत की सबसे प्रमुख वैज्ञानिक संस्थाओं में से है, जिसने कई दशकों से पक्षियों, वन्यजीवों और पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण में निर्णायक भूमिका निभाई है।

सेंचुरी वाइल्डलाइफ़ सर्विस अवॉर्ड क्या हैं?

  • सेंचुरी वाइल्डलाइफ़ सर्विस अवॉर्ड भारत भर में वन्यजीव संरक्षण में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को मान्यता देने वाले प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कार हैं।
  • यह पुरस्कार 2001 में सैंक्चुअरी नेचर फ़ाउंडेशन द्वारा शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य देशभर के उन “धरती के वीरों” को सम्मानित करना है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जैवविविधता संरक्षण में असाधारण भूमिका निभाते हैं।

सेंचुरी अवॉर्ड की श्रेणियाँ:

  • वाइल्डलाइफ़ सर्विस अवॉर्ड: यह उन कार्यकर्ताओं को दिया जाता है जो जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में रहकर वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

  • लाइफटाइम सर्विस अवॉर्ड: यह उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है जिन्होंने जीवनभर पर्यावरण संरक्षण के लिए सेवा दी है।

  • ग्रीन टीचर अवॉर्ड: यह पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया जाता है जो पर्यावरण शिक्षा को प्रेरक रूप में आगे बढ़ाते हैं।

  • यंग नैचुरलिस्ट अवॉर्ड: यह 16–25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को दिया जाता है जिन्होंने प्रकृति संरक्षण में असाधारण योगदान किया हो।

अन्य प्रमुख पुरस्कार विजेता:

  • डॉ. रामना अत्रेय (2022): उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में बुगुन जनजाति को शामिल कर Bugun Liocichla के संरक्षण का अनूठा मॉडल बनाया।

  • रीटुराज फुकन (2022): उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को लेकर ध्रुवीय क्षेत्र से हिमालय तक अभियानों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई।

  • डॉ. राजेंद्र सिंह (2025): जलपुरुष’ के नाम से प्रसिद्ध राजेंद्र सिंह ने सामुदायिक प्रयासों से 14 नदियों का पुनर्जीवन सुनिश्चित किया।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top