India first 3D Flex Aqueous Angiography

संदर्भ:
हाल ही में दिल्ली कैंट स्थित आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) के नेत्र विज्ञान विभाग ने iStent के साथ भारत की पहली 3D फ्लेक्स एक्वियस एंजियोग्राफी (3D Flex Aqueous Angiography with iStent) को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह प्रक्रिया भारत में अपनी तरह की पहली उपलब्धि है, जो ग्लूकोमा (काला मोतिया) के उपचार में सहायक है।
इस ऐतिहासिक सर्जरी का विस्तृत विश्लेषण:
इस ऐतिहासिक सर्जरी का नेतृत्व ब्रिगेडियर डॉ. संजय मिश्रा (प्रमुख, नेत्र विज्ञान विभाग) ने किया। इस प्रक्रिया में दो मुख्य तकनीकों का समन्वय किया गया है:
- 3D फ्लेक्स एक्वियस एंजियोग्राफी: इसमें एक सुरक्षित डाई (dye) का उपयोग किया जाता है और एक नए स्टैंड-माउंटेड Spectralis इमेजिंग सिस्टम द्वारा रियल-टाइम में आंखों के भीतर तरल पदार्थ (aqueous humor) के प्रवाह को देखा जाता है। यह तकनीक डॉक्टरों को आंखों के ड्रेनेज चैनलों को “लाइव वाटर पाइप” की तरह देखने की अनुमति देती है, जिससे अवरोधों का सटीक पता लगाया जा सकता है।
- iStent (मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी – MIGS): iStent दुनिया का सबसे छोटा चिकित्सा उपकरण है (चावल के दाने से भी छोटा)। यह एक सूक्ष्म इम्प्लांट है जो तरल पदार्थ के प्रवाह को बेहतर बनाता है और इंट्राओकुलर दबाव (intraocular pressure) को कम करता है, जो ग्लूकोमा के प्रबंधन में महत्वपूर्ण है।
- तकनीकी उपकरण: इस सर्जरी की सफलता में अत्याधुनिक मशीनों का योगदान रहा है: स्टैंड-माउंटेड Spectralis सिस्टम जो उच्च-सटीकता वाली इमेजिंग प्रदान करता है। तथा 3D ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप जो आंखों के भीतर की गहराइयों का एक हाई-डेफिनिशन और ज़ूम-इन व्यू प्रदान करता है।
इसके लाभ:
- सटीकता (Precision): एंजियोग्राफी के माध्यम से डॉक्टर बिल्कुल वहीं iStent लगा सकते हैं जहाँ अवरोध सबसे अधिक है।
- बेहतर परिणाम: रियल-टाइम विज़ुअलाइज़ेशन से सर्जरी के बाद की जटिलताएं कम होती हैं और दीर्घकालिक परिणामों में सुधार होता है।
- न्यूनतम चीरा (Minimally Invasive): यह प्रक्रिया पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कम दर्दनाक है और रिकवरी तेज होती है।
