21-digit battery pack Aadhaar number proposed for EV batteries

संदर्भ:
हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की सुरक्षा, ट्रेसबिलिटी और दक्षता बढ़ाने के लिए बैटरी के लिए आधार-जैसी विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) लाने की योजना बनाई है, ताकि उनका कुशल पुनर्चक्रण सुनिश्चित किया जा सके।
बैटरी पैक आधार संख्या क्या है?
- यह प्रत्येक EV बैटरी के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Identification Number) है। यह 21-अक्षरों वाला UID है, जो बैटरी के पूरे जीवनचक्र (निर्माण से लेकर पुनर्चक्रण तक) को ट्रैक करेगा।
- इसे एक ‘बैटरी पासपोर्ट’ के रूप में देखा जा रहा है जिसमें बैटरी की निर्माण तिथि, उपयोग की गई सामग्री (लिथियम, कोबाल्ट आदि), निर्माता का विवरण और तकनीकी विनिर्देश शामिल होंगे।
- यह आईडी बैटरी के ‘स्टेट ऑफ हेल्थ’ (SOH) और चार्जिंग चक्रों का रिकॉर्ड रखेगी, जिससे पुरानी बैटरी की रीसेल वैल्यू तय करना आसान होगा।
- इसे ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमेटी (AISC) के अंतर्गत ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) के माध्यम से इसे संस्थागत रूप दिया जाएगा।
- इस आईडी को एक केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिसमें बैटरी की रसायन शास्त्र (Chemistry), क्षमता और चक्र जीवन (Cycle life) का विवरण होगा।
महत्व:
- सुरक्षा मानक (AIS 156): खराब गुणवत्ता वाली बैटरियों की पहचान करना और यह सुनिश्चित करना कि केवल प्रमाणित बैटरियां ही बाजार में बिकें।
- बैटरी स्वैपिंग (Battery Swapping): इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा देना ताकि विभिन्न ब्रांडों के बीच बैटरी स्वैपिंग आसान हो सके।
- सेकंड लाइफ उपयोग: जब बैटरी ईवी के लिए उपयुक्त नहीं रहती, तो उसका उपयोग सौर ऊर्जा भंडारण (Stationary Storage) में किया जा सकता है। यूआईडी से इसकी शेष क्षमता का पता लगाना आसान होगा।
- रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी: यह सुनिश्चित करना कि पुरानी बैटरियां पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं और उनसे लिथियम, कोबाल्ट जैसे कीमती खनिजों को निकाला जा सके।
- सब्सिडी का दुरुपयोग रोकना (FAME-II/III): सरकार EV निर्माताओं को भारी सब्सिडी देती है। यूनिक आईडी यह सुनिश्चित करेगी कि सब्सिडी वाली बैटरियों का अवैध व्यापार या गलत इस्तेमाल न हो।
