Second phase of the BIMSTEC Cancer Care Training Programme commenced in Visakhapatnam

संदर्भ:
हाल ही में विशाखापत्तनम में BIMSTEC कैंसर केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारंभ होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC) में किया गया। जिसका उद्देश्य क्षेत्र में कैंसर के बढ़ते बोझ और गुणवत्तापूर्ण देखभाल तक असमान पहुंच को संबोधित करना है।
BIMSTEC कैंसर केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में:
- BIMSTEC कैंसर केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) द्वारा संचालित एक प्रमुख क्षमता-निर्माण पहल है।
- इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र (BIMSTEC) के देशों में कैंसर देखभाल की क्षमताओं को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवा में क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
- भारत के साथ साथ बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड और नेपाल सहित BIMSTEC सदस्य देशों के प्रतिभागी इसमें शामिल होते हैं।
- इस कार्यक्रम की घोषणा भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा 6वें BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। यह प्रधानमंत्री के 21-सूत्रीय कार्य योजना (21-point Action Plan) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- इसका शुभारंभ 7 जुलाई 2025 को टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC), मुंबई में हुआ था। इसमें 21 प्रतिभागियों को रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया।
- नवीनतम विकास के रूप में, दूसरा चरण 5 जनवरी 2026 को होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC), विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। इसमें 35 स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों ने भाग लिया।
- यह एक 4-सप्ताह का ऑन-साइट गहन कार्यक्रम है, जिसमें क्लिनिकल ऑब्जर्वरशिप और संकाय-नेतृत्व वाली मेंटरशिप शामिल है। यह प्रशिक्षण पांच मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित है:
- ऑनको-पैथोलॉजी (Onco-pathology)
- ऑनको-नर्सिंग (Onco-nursing)
- प्रशामक चिकित्सा (Palliative medicine)
- निवारक ऑन्कोलॉजी (Preventive oncology)
- विकिरण ऑन्कोलॉजी (Radiation oncology)
महत्व:
- भारत की विदेश नीति: यह पहल भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) और ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East) नीतियों के साथ संरेखित है।
- स्वास्थ्य कूटनीति: भारत अपनी उन्नत चिकित्सा विशेषज्ञता को साझा करके क्षेत्र में एक ‘शुद्ध स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदाता’ के रूप में उभर रहा है। यह MAHASAGAR विजन के तहत क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के सिद्धांतों को भी पुष्ट करता है।
- प्रतिबद्धता: यह SAARC की तुलना में BIMSTEC की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है, जहाँ सदस्य देश आर्थिक सहयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों में भी एकजुट हो रहे हैं।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य:
- बिम्सटेक (BIMSTEC) बंगाल की खाड़ी से लगे देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है।
- इसका पूरा नाम Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation है।
- बिम्सटेक की स्थापना 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणा के माध्यम से एक क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग समूह के रूप में हुई थी।
- इस संगठन का स्थायी सचिवालय ढाका, बांग्लादेश में स्थित है।
- इसमें बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के 7 सदस्य देश शामिल हैं: भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका (दक्षिण एशिया) और म्यांमार, थाईलैंड (दक्षिण-पूर्वी एशिया)।
- मार्च 2022 में कोलंबो शिखर सम्मेलन के दौरान बिम्सटेक चार्टर को अपनाया गया, जिसने इसे एक औपचारिक अंतरराष्ट्रीय कानूनी पहचान प्रदान की।
- कलादान मल्टी-मॉडल प्रोजेक्ट और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग इस क्षेत्र में व्यापार बढ़ाने के लिए प्रमुख बुनियादी ढांचा पहल हैं।
- बिम्सटेक क्षेत्र दुनिया की लगभग 22% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और इसका संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर (2025-26 के आंकड़ों के अनुसार) है।
- इसमें समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सदस्य देशों के बीच ‘बिम्सटेक तटीय नौवहन समझौता’ और ‘ग्रिड इंटरकनेक्शन’ पर कार्य जारी है।
