National IED Data Management System launched

संदर्भ:
हाल ही में भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के लिए ‘नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम’ (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया।
नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) क्या हैं?
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- परिचय: National IED Data Management System (NIDMS) एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस और विश्लेषण प्लेटफॉर्म है, जिसे देश भर में होने वाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (IED) से संबंधित घटनाओं के डेटा को संकलित करने के लिए बनाया गया है।
- विकास: इसे NSG के ‘नेशनल बम डेटा सेंटर’ (NBDC) द्वारा विकसित और संचालित किया गया है।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य देश भर में होने वाली IED घटनाओं, बरामदगी और विस्फोटों के डेटा को एक डिजिटल प्रारूप में संकलित, वर्गीकृत और विश्लेषण करना है।
मुख्य विशेषताएं:
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- हस्ताक्षर विश्लेषण (Signature Analysis): यह विभिन्न आतंकी समूहों द्वारा IED बनाने के अनूठे तरीकों (Signatures) की पहचान करता है, जिससे अपराधियों तक पहुँचना आसान होता है।
- रीयल-टाइम एक्सेस: सुरक्षा एजेंसियां और बम निरोधक दस्ते (BDS) मौके पर ही पुराने डेटा से तुलना कर विस्फोटक के प्रकार और खतरे के स्तर का आकलन कर सकते हैं।
- डिजिटल रिपॉजिटरी: इसमें दशकों पुराने IED मामलों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित है, जो अनुसंधान और प्रशिक्षण में मदद करता है।
- एकीकृत प्लेटफॉर्म: यह सभी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है।
IED: सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती
IEDs उग्रवादियों का पसंदीदा हथियार हैं क्योंकि ये सस्ते और आसानी से उपलब्ध रसायनों (जैसे अमोनियम नाइट्रेट) से बनाए जा सकते हैं। इन्हें पहचानना और डिफ्यूज करना कठिन होता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और NBDC की भूमिका:
NSG देश का प्रमुख ‘काउंटर टेररिज्म’ बल है। इसके भीतर स्थित नेशनल बम डेटा सेंटर (NBDC) को IED के खिलाफ भारत की नोडल एजेंसी माना जाता है। NBDC का कार्य डेटा एकत्र करने के साथ ही बम निरोधक दस्तों (Bomb Disposal Squads) को प्रशिक्षण भी प्रदान करता है।
महत्व:
- आतंकवाद विरोधी बुनियादी ढांचा: भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद (LWE) का सामना कर रहा है, जहाँ IED सबसे घातक हथियार बनकर उभरा है। NIDMS इन खतरों से निपटने के लिए ‘डेटा-संचालित पुलिसिंग’ का हिस्सा है।
- आत्मनिर्भर भारत: इस प्रणाली का स्वदेशी विकास रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाता है, जिससे संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
- सुरक्षित भारत विजन: यह सरकार की “आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस” की नीति को स्पष्ट करता है। NIDMS इसी विजन का एक हिस्सा है, जिसके अन्य स्तंभों में शामिल हैं: NATGRID: नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड, CCTNS: क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स, MAC: मल्टी-एजेंसी सेंटर का सुदृढ़ीकरण।
