PM CARES Fund has right to confidentiality under RTI
संदर्भ:
दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में कहा है कि PM CARES फंड को RTI (सूचना का अधिकार) के तहत निजता का अधिकार है, भले ही यह सरकार द्वारा नियंत्रित हो।
दिल्ली उच्च न्यायालय का हालिया कानूनी विमर्श:
- मामला (Case): दिल्ली हाई कोर्ट एक RTI आवेदक (Girish Mittal) की अपील पर सुनवाई कर रहा था, जिसने PM CARES फंड की आयकर छूट (income tax exemption) से संबंधित जानकारी मांगी थी। साथ ही PM CARES फंड को RTI अधिनियम के तहत एक ‘लोक प्राधिकरण’ (Public Authority) घोषित करने की बात कही गई थी।
- कोर्ट की टिप्पणी (Court’s Observation): कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि PM CARES फंड, एक सार्वजनिक संस्था होने के बावजूद, RTI अधिनियम के तहत निजता के अधिकार से वंचित नहीं हो सकता, और यह अधिकार सार्वजनिक या निजी ट्रस्टों के लिए समान है।
- RTI अधिनियम की धारा 8(1)(j): यह धारा व्यक्तिगत जानकारी के खुलासे को प्रतिबंधित करती है, जिसके सार्वजनिक हित में होने का कोई बड़ा कारण न हो। कोर्ट ने इसे PM CARES फंड पर लागू करने की बात कही।
- RTI अधिनियम की धारा 2(h): इसके तहत ‘लोक प्राधिकरण’ का अर्थ है कोई भी संस्था जो: संविधान द्वारा या उसके तहत स्थापित हो, संसद या राज्य विधानसभा के कानून द्वारा बनाई गई हो, सरकार द्वारा दी गई अधिसूचना के माध्यम से स्थापित हो।
PM CARES फंड:
प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति राहत कोष (PM CARES Fund) की स्थापना 27 मार्च, 2020 को कोविड-19 महामारी जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के उद्देश्य से की गई थी।
PM CARES फंड को ‘लोक प्राधिकरण’ क्यों नहीं माना जा रहा?
- बजटीय सहायता का अभाव: इस कोष में सरकार की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से कोई पैसा नहीं आता है।
- नियंत्रण का स्वरूप: यद्यपि प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष हैं, लेकिन फंड का संचालन एक ‘सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट’ (Public Charitable Trust) के रूप में होता है, न कि किसी विधायी कानून के तहत।
- ऑडिट की प्रकृति: इसका ऑडिट भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र निजी चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा किया जाता है।

