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78वां सेना दिवस (78th Army Day) | UPSC

78th Army Day

78th Army Day

संदर्भ:

भारतीय सेना ने 15 जनवरी 2026 को 78वां सेना दिवस मनाया गया। यह दिवस न केवल सैन्य शक्ति के प्रदर्शन का प्रतीक है, बल्कि भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान आधुनिकीकरण और भविष्य की डिजिटल युद्ध क्षमता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

  • सेना दिवस की शुरुआत 15 जनवरी 1949 को हुई थी, जब फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा (तब लेफ्टिनेंट जनरल) ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर फ्रांसिस रॉय बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी। यह क्षण भारतीय सेना के पूर्ण भारतीयकरण और औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति का प्रतीक बना।
  • फील्ड मार्शल करियप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ थे। उन्हें 1983 में ‘फील्ड मार्शल’ की मानद उपाधि से नवाजा गया था। (सैम मानेकशॉ के बाद वे इस रैंक को पाने वाले दूसरे अधिकारी थे)। 

78वें सेना दिवस 2026 की मुख्य विशेषताएं:

  • स्थान: मुख्य परेड का आयोजन जयपुर, राजस्थान के महल रोड पर किया गया। यह चौथी बार था जब दिल्ली के बाहर सेना दिवस परेड का आयोजन हुआ। 
  • सार्वजनिक भागीदारी: यह पहली बार था जब परेड किसी सैन्य छावनी के बजाय शहर के बीचों-बीच एक सार्वजनिक स्थान पर आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य सेना और नागरिकों के बीच के बंधन को और मजबूत करना था।
  • मुख्य अतिथि: मिजोरम के राज्यपाल और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। 
  • थीम: भारतीय सेना ने 2026 को “Year of Networking and Data Centricity” के रूप में घोषित किया है। 
  • भैरव बटालियन: पहली बार इस विशेष बल का प्रदर्शन किया गया। यह हाइब्रिड युद्ध और ड्रोन संचालन के लिए प्रशिक्षित एक “Lean and Mean” फोर्स है, जो सीमाओं पर तीव्र और सटीक हमलों के लिए बनाई गई है।
  • अत्याधुनिक हथियार: परेड में T-90 टैंक, अर्जुन टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली, पिनाका रॉकेट, और स्वदेशी धनुष व ATAGS तोपों का प्रदर्शन हुआ।
  • हवाई प्रदर्शन: प्रचंड (LCH), ध्रुव (ALH) और अपाचे हेलीकॉप्टरों ने अपनी शक्ति दिखाई।
  • तकनीकी नवाचार: रोबोटिक म्यूल्स (Robotic Mules), एंटी-ड्रोन सिस्टम और एआई-सक्षम उपकरणों ने आधुनिक भारत की झलक पेश की। 
  • वीरता पुरस्कार: इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर (2025 में आतंकवाद के खिलाफ सफल अभियान) में शहीद हुए जांबाजों के परिजनों को सेना पदक (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
  • शौर्य संध्या: जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में आयोजित ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया, जहाँ 1,000 ड्रोनों के शो के माध्यम से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वीरता को पुनः जीवित किया गया।

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