Use of Open Network for Digital Commerce in the Department of Posts

संदर्भ:
हाल ही में भारतीय डाक विभाग (Department of Posts) ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के माध्यम से अपना पहला ऑनलाइन ऑर्डर सफलतापूर्वक बुक करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह सफल डिलीवरी भारत के डिजिटल ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र में डाक विभाग को ‘लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर’ (LSP) के रूप में स्थापित करता है।
डाक विभाग में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स का उपयोग:
- प्रथम ऑर्डर: यह ऑर्डर ‘UdyamWell’ द्वारा बुक किया गया था, जो एक ONDC-सक्षम पहल है और ग्रामीण उद्यमियों, कारीगरों एवं किसानों (Bharatpreneurs) को समर्थन प्रदान करती है।
- कार्यप्रणाली: वर्तमान में डाक विभाग ONDC पर “क्लिक एंड बुक” (Click & Book) मॉडल के माध्यम से लाइव है।
- सेवाएं: इस मॉडल के तहत विक्रेता डिजिटल रूप से पार्सल पिकअप अनुरोध जेनरेट कर सकते हैं, पिकअप के समय डाक शुल्क का भुगतान कर सकते हैं और डिजिटल रूप से खेप को ट्रैक कर सकते हैं।
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) क्या हैं?
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- ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत ‘उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग’ (DPIIT) द्वारा स्थापित एक गैर-लाभकारी धारा 8 कंपनी है।
- ONDC एक ओपन-सोर्स नेटवर्क प्रोटोकॉल है। यह ई-कॉमर्स को प्लेटफॉर्म-केंद्रित मॉडल (जहां खरीदार और विक्रेता एक ही ऐप पर होने चाहिए) से हटाकर नेटवर्क-केंद्रित मॉडल पर ले जाता है।
मुख्य उद्देश्य:
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- लोकतांत्रीकरण: ई-कॉमर्स क्षेत्र में बड़े दिग्गजों (Amazon, Walmart-Flipkart) के एकाधिकार को समाप्त करना।
- MSMEs का सशक्तिकरण: छोटे व्यापारियों और स्थानीय किराना स्टोरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समान अवसर प्रदान करना।
- डिजिटल समावेशन: ग्रामीण क्षेत्रों के विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर के बाजार से जोड़ना।
- लागत में कमी: मध्यस्थों की भूमिका कम करके व्यापार करने की लागत (Cost of doing business) को कम करना।
यह कैसे काम करता है?
ONDC इंटरऑपरेबिलिटी के सिद्धांत पर कार्य करता है। उदाहरण के लिए, यदि एक खरीदार ‘Paytm’ ऐप पर है और एक विक्रेता ‘UdyamWell’ पर पंजीकृत है, तो भी वे ONDC के माध्यम से लेनदेन कर सकते हैं। इसके लिए दोनों का एक ही प्लेटफॉर्म पर होना अनिवार्य नहीं है।
डाक सेवा में महत्व:
- डिजिटल समावेशन: भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क है जिसमें 1.65 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस शामिल हैं। ONDC के साथ इसका एकीकरण डिजिटल डिवाइड को पाटने और ग्रामीण भारत के कारीगरों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ने में सहायक होगा।
- आत्मनिर्भर भारत: यह एकीकरण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप है। यह घरेलू व्यापार को बढ़ावा देता है और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (जैसे डाक विभाग) का उपयोग करके डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाता है।
- लॉजिस्टिक्स दक्षता: डाक विभाग का व्यापक नेटवर्क “लास्ट-माइल डिलीवरी” (अंतिम छोर तक पहुंच) की समस्या का समाधान करता है। तकनीकी रूप से उन्नत IT 2.0 ढांचे के तहत, विभाग अब रीयल-टाइम ट्रैकिंग और स्वचालित समाधान प्रणालियों का उपयोग कर रहा है।
