NASA Artemis II mission

संदर्भ:
हाल ही में नासा ने अपने ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन के लिए लॉन्च संबंधी रूपरेखा की विस्तृत जानकारी साझा की है। जिससे 50 से अधिक वर्षों के अंतराल के बाद, एक बार फिर मानव चंद्रमा के करीब उतरने के लिए तैयार है।
आर्टेमिस II मिशन का परिचय:
आर्टेमिस II, नासा के ‘आर्टेमिस कार्यक्रम’ का दूसरा मिशन और पहला मानवयुक्त (Crewed) मिशन है। 1972 में ‘अपोलो 17’ के बाद यह पहली बार होगा जब मनुष्य पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को छोड़कर चंद्रमा के करीब जाएगा।
- लॉन्च तिथि (2026 अपडेट): नासा ने आर्टेमिस II के लिए 6 फरवरी से 11 फरवरी 2026 की लॉन्च विंडो निर्धारित की है।
- मिशन की अवधि: यह लगभग 10 दिवसीय मिशन होगा।
- प्रक्षेपण यान: दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) और चालक दल के लिए ओरियन (Orion) अंतरिक्ष यान।
- उद्देश्य: आर्टेमिस II का मुख्य लक्ष्य भविष्य के चंद्रमा लैंडिंग मिशनों (Artemis III) के लिए सभी प्रणालियों का परीक्षण करना है।
- फ्री-रिटर्न ट्रेजेक्टोरी (Free-Return Trajectory): यान चंद्रमा के चारों ओर एक “फिगर-8” लूप बनाएगा, जिसमें चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करके बिना अतिरिक्त ईंधन के पृथ्वी पर वापसी की जाएगी।
- डीप स्पेस लाइफ सपोर्ट: ओरियन कैप्सूल के भीतर ऑक्सीजन, तापमान और विकिरण सुरक्षा प्रणालियों का वास्तविक अंतरिक्ष वातावरण में परीक्षण किया जाएगा।
- अधिकतम दूरी: यह मिशन मनुष्यों को चंद्रमा के सुदूर हिस्से (Far Side) से लगभग 4,600 मील (7,400 किमी) आगे ले जाएगा, जो इतिहास में किसी भी मानव मिशन द्वारा तय की गई सबसे अधिक दूरी होगी।
मिशन चालक दल:
- रीड वाइसमैन (कमांडर): अनुभवी नौसेना एविएटर।
- विक्टर ग्लोवर (पायलट): चंद्रमा की यात्रा करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति।
- क्रिस्टीना कोच (मिशन विशेषज्ञ): चंद्रमा की कक्षा में जाने वाली पहली महिला।
- जेरेमी हैनसन (कनाडा): पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी)।
महत्व:
- ISRO-NASA सहयोग: भारत जून 2023 में आर्टेमिस समझौते का 27वां हस्ताक्षरकर्ता बना। इस समझौते से भारत को नासा की उन्नत चंद्र तकनीकों और डेटा तक पहुंच मिलेगी, जो हमारे गगनयान और चंद्रयान-4 मिशनों के लिए सहायक होगा।
- अंतरिक्ष कूटनीति: आर्टेमिस कार्यक्रम का नेतृत्व अमेरिका कर रहा है, जबकि चीन और रूस मिलकर ILRS (International Lunar Research Station) पर काम कर रहे हैं। यह अंतरिक्ष में एक नए ‘ब्लॉक’ निर्माण को दर्शाता है।
- विष्य का रोडमैप: आर्टेमिस II एक फ्लाई-बाय मिशन है, यह चंद्रमा पर स्थायी मानव आधार बनाने की दिशा में एक कदम है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जल-बर्फ की खोज और वहां एक गेटवे स्टेशन की स्थापना मंगल ग्रह पर भविष्य के मानव मिशनों के लिए ईंधन डिपो के रूप में कार्य करेगी।
