Second phase of the dolphin census officially began in India

संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार ने ‘प्रोजेक्ट डॉल्फिन’ के तहत देशव्यापी डॉल्फिन गणना के दूसरे चरण की आधिकारिक शुरुआत की है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से शुरू हुआ यह सर्वेक्षण भारत की नदियों में रहने वाली डॉल्फिन प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
दूसरे देशव्यापी सर्वेक्षण (2026) की मुख्य विशेषताएं:
यह सर्वेक्षण पिछले (2021-2023) के सर्वेक्षण का अगला चरण है, जिसका उद्देश्य डॉल्फिन की जनसंख्या का अद्यतन डेटा प्राप्त करना है।
- प्रारंभ: 17 जनवरी 2026
- दो चरणों में कार्यान्वयन:
- प्रथम चरण: गंगा नदी की मुख्य धारा (बिजनौर से गंगा सागर तक) और सिंधु नदी (Indus River) को कवर किया जाएगा।
- द्वितीय चरण: ब्रह्मपुत्र नदी, गंगा की सहायक नदियां, सुंदरवन और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।
- नई प्रजाति का समावेश: इस बार पहली बार सुंदरवन और ओडिशा में पाई जाने वाली इरावदी डॉल्फिन (Irrawaddy Dolphin) को भी गणना में शामिल किया गया है।
- तकनीक का उपयोग: गणना के लिए ‘हाइड्रोफोन्स’ जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जो पानी के नीचे डॉल्फिन की ‘इकोलोकेशन’ आवाजों को रिकॉर्ड करती हैं।
प्रथम सर्वेक्षण (2021-23) के प्रमुख आंकड़े:
प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत हुए पहले व्यापक सर्वेक्षण के परिणाम मार्च 2025 में जारी किए गए थे:
- कुल जनसंख्या: भारत में कुल 6,327 नदी डॉल्फिन अनुमानित की गईं। इनमें 6,324 गंगा डॉल्फिन और मात्र 3 सिंधु (इंडस) डॉल्फिन शामिल थीं।
- राज्यवार वितरण: उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक डॉल्फिन पाई गईं, इसके बाद बिहार, पश्चिम बंगाल और असम का स्थान रहा।
- नदीवार वितरण: गंगा की मुख्य धारा में 3,275 डॉल्फिन रिकॉर्ड की गई थीं।
प्रोजेक्ट डॉल्फिन (Project Dolphin):
- शुरुआत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2020 को घोषित यह प्रोजेक्ट ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ की तर्ज पर शुरू किया गया है।
- नोडल मंत्रालय: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC)।
- समन्वय एजेंसी: भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून।
- उद्देश्य: नदीय और समुद्री डॉल्फिन दोनों का संरक्षण करना, उनके आवास की रक्षा करना और अवैध शिकार पर रोक लगाना।
- राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस: हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।
डॉल्फिन की प्रजातियां:
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डॉल्फिन |
गंगा नदी डॉल्फिन (Platanista gangetica) |
सिंधु नदी डॉल्फिन (Platanista minor) |
इरावदी डॉल्फिन (Orcaella brevirostris) |
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स्थिति |
भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव (2009) |
व्यास नदी (पंजाब) में सीमित |
चिल्का झील और सुंदरवन में मौजूद |
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IUCN दर्जा |
संकटग्रस्त (Endangered) |
संकटग्रस्त (Endangered) |
संकटग्रस्त (Endangered) |
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WPA 1972 |
अनुसूची-I (Schedule-I) |
अनुसूची-I |
अनुसूची-I |
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विशेषता |
यह जन्मजात अंधी होती है और शिकार के लिए इकोलोकेशन का उपयोग करती है। |
केवल मीठे पानी में रहती है। |
खारे और मीठे पानी (Euryhaline) दोनों में रह सकती है। |
विशेष: विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य (बिहार) भारत का एकमात्र समर्पित डॉल्फिन संरक्षित क्षेत्र है। असम में पहली बार गंगा डॉल्फिन की सैटेलाइट टैगिंग भी की गई है।
