Nagaland University Innovatio

संदर्भ:
हाल ही में नागालैंड विश्वविद्यालय (Nagaland University) के नेतृत्व वाली एक अंतर्राष्ट्रीय शोध टीम ने सेब के पत्तों के कचरे (Apple-leaf waste) को एक उच्च क्षमता वाले ‘हरित संक्षारण अवरोधक’ (Green Corrosion Inhibitor) में परिवर्तित करने में सफलता प्राप्त की है।
नागालैंड विश्वविद्यालय का नवाचार: शोध और उपलब्धि
- संस्थान: नागालैंड विश्वविद्यालय (भारत) और यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी बीजिंग (चीन) के बीच एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
- मुख्य शोधकर्ता: नागालैंड विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. अंबरीश सिंह और बीजिंग विश्वविद्यालय के प्रो. युजी कियांग।
- प्रक्रिया: शोधकर्ताओं ने एक ‘हरित हाइड्रोथर्मल प्रक्रिया’ (Green Hydrothermal Process) का उपयोग करके सेब के पत्तों को कार्बन क्वांटम डॉट्स (Carbon Quantum Dots – ACDs) में बदला।
- प्रभावशीलता: प्रयोगशाला परीक्षणों में इन कार्बन डॉट्स ने अम्लीय वातावरण में तांबे (Copper) के क्षरण को रोकने में 96.2% तक दक्षता प्रदर्शित की है।
हरित हाइड्रोथर्मल प्रक्रिया (Green Hydrothermal Process):
- परिचय: ग्रीन हाइड्रोथर्मल प्रक्रिया (Green Hydrothermal Process) एक पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है जिसका उपयोग प्राकृतिक अपशिष्ट (जैसे सेब के पत्ते) को मूल्यवान नैनो-सामग्रियों में बदलने के लिए किया जाता है।
- प्रक्रिया: इसमें एक बंद बर्तन (Autoclave) के अंदर पानी को उच्च तापमान और उच्च दबाव पर गर्म किया जाता है। यह स्थिति कार्बनिक पदार्थों को नैनो-आकार के कणों (जैसे कार्बन डॉट्स) में तोड़ने में मदद करती है।
- पर्यावरण के अनुकूल (Green): इसमें किसी भी जहरीले रसायनों या हानिकारक सॉल्वैंट्स का उपयोग नहीं होता; मुख्य विलायक के रूप में केवल पानी का उपयोग किया जाता है।
- ऊर्जा कुशल: यह पारंपरिक रासायनिक विधियों की तुलना में कम ऊर्जा खपत करती है और इसमें हानिकारक गैसों का उत्सर्जन नहीं होता।
- परिणाम: इस प्रक्रिया द्वारा प्राप्त उत्पाद (जैसे कार्बन क्वांटम डॉट्स) अत्यधिक स्थिर और प्रभावी होते हैं, जिनका उपयोग जंग रोकने या चिकित्सा क्षेत्र में किया जा सकता है।
महत्व:
- अपशिष्ट से धन (Waste to Wealth): यह मिशन भारत के कचरा प्रबंधन और सर्कुलर इकोनॉमी के लक्ष्यों को पूरा करता है। सेब की खेती के बेकार पत्तों को मूल्यवान औद्योगिक सामग्री में बदलकर किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होते हैं।
- पर्यावरण संरक्षण (Green Technology): पारंपरिक एंटी-रस्ट रसायन जहरीले होते हैं। यह नया समाधान पूरी तरह से जैविक, गैर-विषाक्त और पर्यावरण के अनुकूल है, जो सतत विकास लक्ष्यों (SDG 9 और 12) के अनुरूप है।
- औद्योगिक अनुप्रयोग: भविष्य में इसका उपयोग पाइपलाइनों और भंडारण टैंकों का जीवनकाल बढ़ाने, अम्लीय और कठोर मौसम वाले क्षेत्रों में पुलों और संरचनाओं का संरक्षण करने में किया जा सकेगा।
