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पदार्थ की नई सॉलिड-लिक्विड हाइब्रिड अवस्था की खोज (New solid-liquid hybrid state of matter discovered) | UPSC

New solid-liquid hybrid state of matter discovered

New solid-liquid hybrid state of matter discovered

संदर्भ:

हाल ही में वैज्ञानिकों ने पदार्थ (matter) की एक नई सॉलिड-लिक्विड हाइब्रिड अवस्था (Solid-Liquid Hybrid State) की खोज की घोषणा की है, जो एकल नैनोपार्टिकल के भीतर पाई गई है। 

  • यह खोज जर्मनी के उल्म विश्वविद्यालय और ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा की गई और जिसे प्रतिष्ठित जर्नल ACS Nano में प्रकाशित किया गया है। 

खोज का मुख्य आधार:

पारंपरिक रूप से हम जानते हैं कि ठोस (Solid) में परमाणु स्थिर और व्यवस्थित होते हैं, जबकि तरल (Liquid) में वे तेजी से गति करते हैं। नैनो-स्केल पर की गई इस नई खोज ने इस स्पष्ट विभाजन को चुनौती दी है। 

  • परमाणु सह-अस्तित्व (Atomic Coexistence): एक ही नैनोपार्टिकल के भीतर, कुछ परमाणु पूरी तरह से स्थिर रहते हैं (ठोस की तरह), जबकि अन्य परमाणु तरल की तरह स्वतंत्र रूप से प्रवाहित होते हैं।
  • नैनो-कप और कोरलिंग प्रभाव: शोधकर्ताओं ने पाया कि स्थिर परमाणु एक “परमाणु बाड़” (atomic corral) या घेरा बना लेते हैं, जो गतिशील परमाणुओं को अपने भीतर सीमित और नियंत्रित रखता है। 
  • महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तकनीक: इस खोज को संभव बनाने के लिए SALVE (Sub-Angstrom Low Voltage Electron microscopy) नामक विशेष तकनीक का उपयोग किया गया। यह एक कम-वोल्टेज वाला सूक्ष्मदर्शी है जो परमाणुओं को बिना नुकसान पहुंचाए उनकी वास्तविक समय की हलचल को देखने में मददगार है। 

खोज की मुख्य विशेषताएं:

  • अत्यधिक सुपरकूलिंग (Extreme Supercooling): इस हाइब्रिड अवस्था के कारण, प्लैटिनम जैसी धातुएं अपने सामान्य हिमांक से बहुत नीचे के तापमान पर भी तरल अवस्था में रह सकती हैं। उदाहरण के लिए, प्लैटिनम लगभग 350°C पर तरल रहा, जो इसके सामान्य जमाव बिंदु से 1000°C से भी अधिक नीचे है।
  • अनाकार ठोस (Amorphous Solid): जब यह तरल जमना शुरू होता है, तो यह मानक क्रिस्टल संरचना (Crystal Lattice) बनाने के बजाय एक अव्यवस्थित ‘ग्लास-जैसा’ अनाकार ठोस बनाता है।
  • अस्थिर प्रकृति: यह हाइब्रिड अवस्था केवल परमाणु “घेरे” (corral) के भीतर ही स्थिर रहती है। जैसे ही यह घेरा टूटता है, धातु तुरंत अपनी सामान्य ठोस क्रिस्टल संरचना में लौट आती है। 

महत्व:

  • उत्प्रेरण (Catalysis): प्लैटिनम-ऑन-कार्बन कैटेलिस्ट का उपयोग ईंधन सेल (Fuel Cells) में किया जाता है। हाइब्रिड अवस्था नैनोकणों को आपस में चिपकने से रोक सकती है, जिससे आसानी से उत्प्रेरक की दक्षता और जीवनकाल बढ़ा सकते हैं।
  • नई सामग्री का विकास: यह खोज विमानन (Aviation), इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योगों के लिए ऐसी नई सामग्रियों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती है जो अत्यधिक तापमान और तनाव को सहन कर सकें।

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