Approval for pension revision for retired employees of NABARD and RBI

संदर्भ:
भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (PSGICs), राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन और पेंशन संशोधन को मंज़ूरी दे दी है। इस निर्णय से लगभग 93,000 से अधिक लोगों को लाभ होगा।
प्रमुख संशोधित बिंदु:
- सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियाँ (PSGICs)
- प्रभावी तिथि: वेतन संशोधन 1 अगस्त 2022 से प्रभावी होगा।
- वेतन वृद्धि: कुल वेतन बिल में 12.41% की वृद्धि होगी, जिसमें मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) में 14% की वृद्धि शामिल है।
- लाभार्थी: लगभग 43,247 कर्मचारी इस संशोधन से लाभान्वित होंगे।
- NPS योगदान: 1 अप्रैल 2010 के बाद सेवा में शामिल हुए कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में नियोक्ता का योगदान 10% से बढ़ाकर 14% कर दिया गया है।
- पारिवारिक पेंशन: पारिवारिक पेंशन को एक समान 30% की दर से संशोधित किया गया है।
- वित्तीय निहितार्थ: कुल वित्तीय परिव्यय लगभग ₹8,170.30 करोड़ अनुमानित है, जिसमें बकाया, एनपीएस योगदान और पारिवारिक पेंशन शामिल है।
- राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD)
- प्रभावी तिथि: वेतन और भत्ते में संशोधन 1 नवंबर 2022 से प्रभावी होगा।
- वेतन वृद्धि: ग्रुप ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ कर्मचारियों के वेतन में लगभग 20% की वृद्धि होगी।
- लाभार्थी: लगभग 3,800 सेवारत और पूर्व कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
- पेंशन संरेखण: 1 नवंबर 2017 से पहले सेवानिवृत्त हुए नाबार्ड के मूल रूप से भर्ती किए गए पेंशनभोगियों की पेंशन को पूर्व-आरबीआई नाबार्ड सेवानिवृत्त लोगों के बराबर लाया गया है।
- वित्तीय निहितार्थ: वेतन संशोधन से ₹170 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक वेतन बिल और लगभग ₹510 करोड़ का बकाया होगा।
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- प्रभावी तिथि: पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन 1 नवंबर 2022 से प्रभावी होगा।
- पेंशन वृद्धि: मूल पेंशन और महंगाई राहत (DR) पर 10% की वृद्धि की गई है, जिसके परिणामस्वरूप मूल पेंशन में प्रभावी रूप से 1.43 गुना की वृद्धि हुई है।
- लाभार्थी: इस निर्णय से 30,769 से अधिक पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।
- वित्तीय निहितार्थ: कुल वित्तीय प्रभाव लगभग ₹2,696.82 करोड़ अनुमानित है, जिसमें बकाया और आवर्ती वार्षिक व्यय शामिल है।
आर्थिक और राजकोषीय प्रभाव:
- मुद्रास्फीति प्रबंधन: पेंशन और वेतन में वृद्धि से लाभार्थियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे जीवन-यापन की लागत (Cost of Living) का प्रबंधन आसान होगा।
- कर्मचारी कल्याण: यह निर्णय वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करता है, जो सुशासन का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
- बीमा क्षेत्र में सुधार: PSGICs के लिए वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण है। वेतन वृद्धि से इन कंपनियों को संरचनात्मक सुधारों को लागू करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और “सभी के लिए बीमा 2047” के व्यापक उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
