77th Republic Day of India
संदर्भ:
भारत ने 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित इस समारोह में भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया गया।
77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य बिंदु:
- मुख्य अतिथि: इस वर्ष यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया:
- उर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष।
- एंटोनियो कोस्टा: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष।
- प्रमुख विषय: वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस के आयोजन दो मुख्य विषयों पर आधारित थे:
- वंदे मातरम् के 150 वर्ष: राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इसे स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक शक्ति के रूप में सम्मानित किया गया।
- विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत: भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती आत्मनिर्भरता को रेखांकित किया गया।
- सैन्य प्रदर्शन: परेड में भारतीय सेना की स्वदेशी ताकत और हालिया सैन्य उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया:
- ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor): 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को एक विशेष त्रि-सेवा झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
- नए हथियार: सूर्यस्त्र (Suryastra) यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, ‘शक्तिबाण’ (Shaktibaan) और ‘दिव्यास्त्र’ (Divyastra) जैसे स्वदेशी हथियारों का पहली बार प्रदर्शन हुआ।
- विशेष दस्ते: परेड में पहली बार ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन और पशु दस्ते में जान्सकारी टट्टू, बैक्ट्रियन ऊंट और सेना के विशेष कुत्तों ने भाग लिया।
- सांस्कृतिक झांकियां: कुल 30 झांकियां (17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों से) कर्तव्य पथ से गुजरीं:
- उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड की विरासत का चित्रण।
- ओडिशा: ‘सॉइल टू सिलिकॉन’ थीम के माध्यम से कृषि से नवाचार तक की यात्रा।
- तमिलनाडु: स्वदेशी आत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास की झलक।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति: लगभग 2,500 कलाकारों ने ‘वंदे मातरम्’ की धुन पर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
- सम्मान: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी:
- अशोक चक्र: ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन (ISS) और साहस के लिए देश के सर्वोच्च शांतिपूर्ण वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया।
- इसके अतिरिक्त 3 कीर्ति चक्र और 13 शौर्य चक्र सहित कुल 70 वीरता पुरस्कारों की घोषणा की गई।
- 21 तोपों की सलामी: यह पहली बार पूरी तरह स्वदेशी 105 mm ‘लाइट फील्ड गन्स’ द्वारा दी गई।
- EU दस्ता: पहली बार किसी यूरोपीय नौसैनिक और सैन्य दस्ते ने भारत की गणतंत्र दिवस परेड में मार्च किया।
- VIP संस्कृति का अंत: परेड देखने के लिए बने विशेष कक्षों का नाम भारत की प्रमुख नदियों (गंगा, सिंधु, कावेरी आदि) के नाम पर रखा गया, जो समावेशिता का संदेश देता है।

