Kerala declares Bacillus subtilis as state microorganism

संदर्भ:
हाल ही में केरल सरकार ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक ऐतिहासिक समारोह में बेसिलस सब्टिलिस (Bacillus subtilis) को अपना आधिकारिक ‘राज्य सूक्ष्मजीव’ घोषित किया है। इस घोषणा के साथ केरल सूक्ष्मजीवों को राजकीय प्रतीक का दर्जा देने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।
बेसिलस सब्टिलिस के बारे मे:
- वैज्ञानिक स्वरूप: यह एक ग्राम-पॉजिटिव, छड़ के आकार का (Rod-shaped) बैक्टीरिया है, जो मुख्य रूप से मिट्टी, पानी और हवा में पाया जाता है।
- प्रकृति: इसे ‘प्रोबायोटिक’ या ‘मित्र बैक्टीरिया’ माना जाता है। यह मनुष्यों और जानवरों के पाचन तंत्र तथा किण्वित खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है।
- विशेषता: इसमें ‘एंडोस्पोर’ बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है, जो इसे अत्यधिक तापमान, विकिरण और सूखे जैसी कठोर परिस्थितियों में भी जीवित रहने में मदद करती है।
- GRAS दर्जा: बेसिलस सब्टिलिस को ‘आम तौर पर सुरक्षित’ (Generally Recognized As Safe) माना जाता है।
केरल द्वारा इसके चयन का कारण:
राज्य ने इस सूक्ष्मजीव का चयन एक विशेषज्ञ समिति KSCSTE की सिफारिश पर किया, जिसने इसके निम्नलिखित लाभों को रेखांकित किया:
- कृषि में भूमिका: यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है और पौधों की वृद्धि में सहायक ‘राइजोबैक्टीरिया’ (PGPR) के रूप में कार्य करता है। यह रासायनिक कीटनाशकों के विकल्प के रूप में जैव-कवकनाशी का काम करता है।
- मानव स्वास्थ्य: यह पाचन तंत्र के स्वास्थ्य को सुधारता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत करता है।
- पर्यावरणीय स्थिरता: यह प्रदूषित स्थलों से भारी धातुओं (जैसे निकल) को सोखने और ‘सेल्फ-हीलिंग’ कंक्रीट (निर्माण क्षेत्र) बनाने में सक्षम है।
माइक्रोबायोम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoEM):
इस घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन माइक्रोबायोम (CoEM) की घोषणा भी की।
- उद्देश्य: स्वास्थ्य, पर्यावरण और कृषि क्षेत्रों में सूक्ष्मजीवों की भूमिका का वैज्ञानिक अध्ययन करना।
- सहयोग: यह केंद्र केरल राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (KSCSTE) और केरल विकास एवं नवाचार रणनीतिक परिषद (K-DISC) की एक संयुक्त पहल है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
राष्ट्रीय सूक्ष्मजीव: भारत ने अक्टूबर 2012 में लैक्टोबैसिलस डेलब्रुइकी सबस्प. बुल्गेरिकस को ‘राष्ट्रीय सूक्ष्मजीव’ घोषित किया था।
