France introduces bill to ban social media for children under 15

संदर्भ:
हाल ही में फ्रांस की नेशनल असेंबली (संसद के निचले सदन) ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को भारी बहुमत से पारित किया।
विधेयक के मुख्य प्रावधान:
- न्यूनतम आयु सीमा: इस विधेयक के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है।
- पंजीकरण और सत्यापन: टिकटॉक, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स को सख्त आयु-सत्यापन तंत्र (Age Verification Systems) लागू करना होगा।
- खातों को निष्क्रिय करना: नए कानून के तहत, प्लेटफॉर्म्स को 31 दिसंबर 2026 तक उन सभी मौजूदा खातों को निष्क्रिय करना होगा जो आयु सीमा का पालन नहीं करते हैं।
- शैक्षिक संस्थानों में विस्तार: यह कानून केवल ऑनलाइन पाबंदी तक सीमित नहीं है, इसमें हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
विधेयक लाने के पीछे कारण:
- मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा: शोध और वैज्ञानिकों की सिफारिशों के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और एल्गोरिदम का प्रभाव किशोरों में चिंता, अवसाद और नींद की कमी का कारण बन रहा है।
- ऑनलाइन बुलिंग और शोषण: साइबर बुलिंग और हानिकारक कंटेंट से बच्चों को बचाने के लिए यह कठोर कदम उठाया गया है।
- डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty): राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि “हमारे बच्चों का दिमाग बिक्री के लिए नहीं है, न तो अमेरिकी मंचों और न ही चीनी नेटवर्क के लिए”।
महत्व:
- वैश्विक रुझान: ऑस्ट्रेलिया के बाद फ्रांस दूसरा ऐसा प्रमुख देश बन गया है जिसने इतनी सख्त उम्र सीमा तय की है (ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंध लगाया है)।
- भारत के लिए प्रासंगिकता: भारत में भी डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP), 2023 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के डेटा प्रोसेसिंग के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य है। फ्रांस का यह कानून भारत जैसे विशाल डिजिटल आबादी वाले देश के लिए ‘कंटेंट फिल्टरिंग’ और ‘एज-गेटिंग’ के संदर्भ में एक उदाहरण पेश करता है।
