Google DeepMind AI tool AlphaGenome launched
संदर्भ:
हाल ही में Google DeepMind ने जेनेटिक्स की दुनिया में एक क्रांतिकारी सफलता हासिल करते हुए ‘AlphaGenome’ नामक AI टूल लॉन्च किया है।
AlphaGenome क्या है?
- परिचय: AlphaGenome एक उन्नत AI मॉडल है, जो डीएनए अनुक्रमों से सीधे जैविक कार्यों की भविष्यवाणी करता है।
- क्रम: यह Google DeepMind के पिछले सफल मॉडल ‘AlphaFold’ और ‘AlphaMissense’ की अगली कड़ी है।
- कार्यक्षमता: यह एक बार में डीएनए के 10 लाख (1 MB) अक्षरों का विश्लेषण कर सकता है।
- डार्क जीनोम पर ध्यान: मानव जीनोम का केवल 2% हिस्सा प्रोटीन बनाता है, जबकि शेष 98% (नॉन-कोडिंग क्षेत्र) को समझना कठिन था। AlphaGenome इसी 98% हिस्से में छिपे रोगों के संकेतों को पहचानता है।
यह कैसे काम करता है?
- यह टूल ‘सीक्वेंस-टू-फंक्शन’ मॉडल पर आधारित है:
- आर्किटेक्चर: इसमें ‘कन्वोल्यूशनल लेयर्स’ और ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ का उपयोग किया गया है ताकि डीएनए के लंबे अनुक्रमों के बीच जटिल संबंधों को समझा जा सके।
- डेटा ट्रेनिंग: इसे मनुष्यों और चूहों के विशाल जीनोमिक डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है।
प्रमुख लाभ और चिकित्सा अनुप्रयोग:
- दुर्लभ बीमारियों की पहचान: उन अनुवांशिक बीमारियों का पता लगाना आसान होगा जिनके कारण अब तक अज्ञात थे।
- कैंसर अनुसंधान: शोधकर्ता पहले से ही इसका उपयोग यह समझने के लिए कर रहे हैं कि कैसे डीएनए के छोटे बदलाव ल्यूकेमिया (Leukaemia) जैसे कैंसर को जन्म देते हैं।
- सटीक औषधि: प्रत्येक व्यक्ति के जेनेटिक मेकअप के आधार पर व्यक्तिगत उपचार विकसित करने में मदद मिलेगी।
- ड्रग डिस्कवरी: नई दवाओं के निर्माण में लगने वाले समय और लागत में भारी कमी आएगी।
- भारत राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर रहा है। AlphaGenome जैसे टूल भारत में ‘दुर्लभ बीमारियों’ के बढ़ते बोझ को कम करने और जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट को गति देने में सहायक हो सकते हैं।

