New flowering species Hoya nagaensis discovered

संदर्भ:
हाल ही में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य नागालैंड के सामुदायिक संरक्षित वन से एक अत्यंत दुर्लभ और नई फूलों वाली प्रजाति की खोज की गई है। इस नई प्रजाति का नाम ‘होया नागाएन्सिस’ (Hoya nagaensis) रखा गया है।
खोज और स्थान:
- संस्थान: यह खोज नागालैंड विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग (Department of Forestry) के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है।
- मुख्य शोधकर्ता: इस शोध दल का नेतृत्व डॉ. ग्याती याम ने किया, जिसमें विएनीटे-ओ कोज़ा और जॉयनाथ पेगु शामिल थे।
- स्थान: यह पौधा नागालैंड के फेक (Phek) जिले के कवुनहो सामुदायिक आरक्षित वन में पाया गया है। यह क्षेत्र कोहिमा से लगभग 110 किमी दूर स्थित एक उच्च-ऊंचाई वाला शीतोष्ण वन पारिस्थितिकी तंत्र है।
वैज्ञानिक वर्गीकरण और विशेषताएं:
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- प्रजाति का नाम: Hoya nagaensis। इसका नाम नागालैंड राज्य और वहां के समुदायों के सम्मान में रखा गया है।
- कुल (Family): यह अपोसिनेसी कुल और उपकुल एस्लेपियाडोइडी से संबंधित है, जिसे आमतौर पर ‘वैक्स प्लांट फैमिली’ या ‘मिल्कवीड फैमिली’ कहा जाता है।
- शारीरिक विशेषताएं:
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- यह एक चढ़ने वाली परजीवी लता (climbing, epiphytic vine) है जो पेड़ों के सहारे बढ़ती है।
- इसमें विशिष्ट सितारे के आकार के फूल होते हैं जो गुच्छों में खिलते हैं। फूलों का रंग हल्का होता है जिस पर अनियमित गुलाबी-बैंगनी धब्बे होते हैं।
- पौधे से दूधिया लेटेक्स निकलता है, जो इस कुल के पौधों की एक प्रमुख विशेषता है।
- इसकी पत्तियों का आकार और फूलों की संरचना इसे ‘होया’ वंश की अन्य ज्ञात प्रजातियों से अलग बनाती है।
पारिस्थितिक और संरक्षण स्थिति:
- संरक्षण स्थिति: शोधकर्ताओं ने इस प्रजाति को अस्थायी रूप से ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ (Critically Endangered) श्रेणी में रखा है।
- खतरे: इसका वितरण क्षेत्र अत्यंत सीमित है (अभी तक केवल एक ही स्थान पर पाया गया है)। झूम खेती (shifting cultivation) और वन विच्छेदन इसके अस्तित्व के लिए प्रमुख खतरे हैं।
