Karnataka plans to set up regulatory sandbox framework
संदर्भ:
हाल ही में कर्नाटक सरकार ने उभरती हुई प्रौद्योगिकियों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक इनोवेशन अथॉरिटी एक्ट, 2020 के तहत एक रेगुलेटरी सैंडबॉक्स (Regulatory Sandbox) ढांचा स्थापित करने की योजना की घोषणा की है।
रेगुलेटरी सैंडबॉक्स क्या है?
- एक रेगुलेटरी सैंडबॉक्स एक ऐसा नियंत्रित परीक्षण वातावरण है जहां स्टार्टअप्स, शोध संस्थान और नवाचारकर्ता अपनी नई तकनीकों और व्यावसायिक मॉडलों का वास्तविक बाजार में परीक्षण कर सकते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएं हैं:
- नियमों में छूट: परीक्षण अवधि के दौरान नवाचारकर्ताओं को कुछ कठिन नियामक बाधाओं से अस्थायी रूप से छूट दी जाती है।
- समय सीमा: परीक्षण आमतौर पर एक वर्ष के लिए होता है, जिसे एक और वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।
- सीमित जोखिम: परीक्षण सीमित ग्राहकों और भौगोलिक क्षेत्रों के भीतर किया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को न्यूनतम जोखिम हो।
कर्नाटक इनोवेशन अथॉरिटी एक्ट, 2020 (KIA Act)
- इस सैंडबॉक्स का आधार कर्नाटक इनोवेशन अथॉरिटी (KIA) है, जिसे नवाचार को बढ़ावा देने और विनियमित करने के लिए स्थापित किया गया है।
- प्रशासनिक संरचना: कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी (KITS) इस अथॉरिटी के कार्यान्वयन की निगरानी करती है, जिसमें कानून, शिक्षा और व्यवसाय के पेशेवरों का एक तकनीकी सचिवालय होता है।
- चयन प्रक्रिया: KIA आवेदनों के आधार पर सैंडबॉक्स स्थापित कर सकती है या स्वयं (Suo Moto) भी इसे शुरू कर सकती है।
- क्षेत्र-तटस्थ (Sector Agnostic): यह सैंडबॉक्स केवल फिनटेक तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और एआई जैसे सभी डोमेन के लिए बनाया जाना है।
महत्व:
- एआई और भविष्य की तकनीक: भारत में 2025 तक सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 95.8 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 57% ग्रामीण उपयोगकर्ता हैं। कर्नाटक का यह कदम ‘नेशनल एआई आर्किटेक्चर’ के विकास में सहायक होगा।
- सहयोगात्मक शासन: यह मॉडल उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। यह ‘एविडेंस-बेस्ड पॉलिसी मेकिंग’ का उदाहरण है, जहाँ परीक्षण के परिणामों का उपयोग भविष्य के कानूनों को बनाने में किया जाता है।
- कानूनी सुधार और आर्थिक लक्ष्य: इस ढांचे का लक्ष्य कर्नाटक के प्रौद्योगिकी उद्योग को $150 बिलियन तक पहुंचाना है। यह बाइक-टैक्सी जैसे कानूनी विवादों को रोकने में मदद करेगा।
- सामाजिक प्रभाव: यह सैंडबॉक्स सामाजिक चुनौतियों (जैसे कृषि उत्पादकता और गरीबी उन्मूलन) के समाधान के लिए तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने में सक्षम है।

