Rare Rusty-Spotted Cat Spotted in Rajasthan
संदर्भ:
हाल ही में राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र, बारां जिले के शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में दुनिया की सबसे छोटी दुर्लभ जंगली बिल्ली, रस्टी-स्पॉटेड कैट को जीवित अवस्था में कैमरा ट्रैप में कैद किया गया है। यह इस क्षेत्र में इस दुर्लभ प्रजाति की पहली सजीव रिकॉर्डिंग है।
रस्टी-स्पॉटेड कैट के बारे में:
-
- उपनाम: यह बिल्ली अपनी अद्वितीय विशेषताओं के कारण वन्यजीव वैज्ञानिकों के बीच ‘बिल्लियों की हमिंगबर्ड’ के रूप में जानी जाती है।
- वैज्ञानिक नाम: Prionailurus rubiginosus।
- वजन: यह दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली है, जिसका वजन मात्र 0.9 से 1.6 किलोग्राम होता है।
- आकार: इसकी लंबाई लगभग 35-48 सेमी (बिना पूंछ के) होती है, जो एक घरेलू बिल्ली के बच्चे से भी छोटी है।
- दिखावट: इसका शरीर लाल-भूरे (Rusty) धब्बों से ढका होता है। इसके सिर के दोनों ओर सफेद धारियां और बड़ी आंखें होती हैं, जो इसकी रात्रिचर जीवनशैली के लिए अनुकूलित हैं।
- दृष्टि: इनकी देखने की क्षमता मनुष्यों की तुलना में 6 गुना अधिक तीव्र होती है, जो इन्हें रात के अंधेरे में शिकार करने में मदद करती है।
- आवास: यह मुख्य रूप से शुष्क पर्णपाती वनों, झाड़ियों और पथरीले क्षेत्रों में पाई जाती है।
- स्वभाव: यह अत्यंत शर्मीली, एकांतप्रिय और रात्रिचर जीव है। प्रजनन काल के अलावा ये अकेले ही रहना पसंद करते हैं।
- भोजन: यह एक मांसाहारी जीव है जो छोटे कृन्तकों (Rodents), छिपकलियों, मेंढकों और कीड़ों का शिकार करती है।
- संरक्षण स्थिति:
-
- IUCN रेड लिस्ट: ‘निकट संकटग्रस्त’ (Near Threatened – NT)।
- भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-I (Schedule I) के तहत सूचीबद्ध।
- CITES: इसकी भारतीय आबादी को परिशिष्ट-I (Appendix I) में रखा गया है।
शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (Shergarh Wildlife Sanctuary)
- अवस्थिति: यह राजस्थान के बारां (Baran) जिले में विंध्यन पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है।
- नदी तंत्र: इस अभयारण्य का सबसे महत्वपूर्ण भौगोलिक पहलू परवन नदी है, जो इसके मध्य से होकर गुजरती है।
- वनस्पति का प्रकार: यहाँ मुख्य रूप से शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं, जिनमें धोक, खैर और तेंदू के वृक्षों की प्रधानता है।
- वन्य जीव: यह अभयारण्य भारतीय तेंदुए, सुस्त भालू, चिंकारा, चौसिंगा और मगरमच्छों के लिए प्रसिद्ध है।
- सांपों की शरणस्थली: इसे ऐतिहासिक रूप से ‘सांपों के संरक्षण स्थल’ के रूप में भी जाना जाता रहा है।
- पारिस्थितिक गलियारा: शेरगढ़ अभयारण्य राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क के बीच वन्यजीवों की आवाजाही के लिए गलियारे का कार्य करता है।

