India-Kyrgyzstan joint military exercise Khanjar

संदर्भ:
हाल ही में 4 फरवरी 2026 से भारत-किर्गिस्तान संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘खंजर’ (Exercise KHANJAR) के 13वें संस्करण की शुरुआत असम में हुई। जिसका आयोजन 17 फरवरी तक किया जाना प्रस्तावित है।
अभ्यास ‘खंजर’ का 13वां संस्करण:
- तिथि: 4 फरवरी से 17 फरवरी, 2026 तक।
- स्थान: मिसामारी, असम (भारत)।
- प्रतिभागी इकाइयां:
- भारत: पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल – SF) के 20 कर्मी।
- किर्गिस्तान: ‘इल्ब्रिस’ (ILBRIS) स्पेशल फोर्सेज ब्रिगेड के 20 कर्मी।
- प्रकृति: यह एक वार्षिक अभ्यास है जो बारी-बारी से दोनों देशों में आयोजित किया जाता है।
- प्रमुख उद्देश्य: इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र (UN) के अधिदेश के तहत आतंकवाद विरोधी (Counter-Terrorism) और विशेष बल अभियानों में दोनों देशों की अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ावा देना है।
- प्रशिक्षण क्षेत्र:
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शहरी और पर्वतीय युद्ध: यह अभ्यास शहरी क्षेत्रों (Built-up areas) और कठिन पर्वतीय इलाकों में परिचालन पर केंद्रित है।
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विशिष्ट सैन्य कौशल का विकास: अभ्यास के दौरान निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं पर जोर दिया जाएगा:
- स्नाइपिंग (Sniping): सटीक निशाना लगाने की तकनीक।
- कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग इंटरवेंशन: जटिल इमारतों में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन।
- माउंटेन क्राफ्ट: ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई और वहां जीवित रहने की तकनीक।
- आतंकवाद विरोधी अभ्यास: बंधक बचाव और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी।
भारत-किर्गिस्तान रक्षा संबंधों का महत्व:
किर्गिस्तान मध्य एशिया में भारत का एक रणनीतिक साझेदार है। अभ्यास ‘खंजर’ की शुरुआत 2011 में हुई थी और तब से यह लगातार दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग का प्रतीक बना हुआ है।
- कनेक्ट सेंट्रल एशिया नीति: भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को प्रगाढ़ कर रहा है ताकि यूरेशिया क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत कर सके और व्यापारिक मार्गों (जैसे INSTC) को सुरक्षित कर सके।
- साझा सुरक्षा चिंताएं: दोनों देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, उग्रवाद और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी साझा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से अफगानिस्तान में अस्थिरता के बाद इस क्षेत्र की सुरक्षा भारत के लिए ‘विस्तारित पड़ोस’ (Extended Neighborhood) का हिस्सा है।
- रक्षा सहयोग के अन्य स्तंभ:
- प्रशिक्षण: किर्गिस्तानी सैन्य कर्मियों को भारतीय रक्षा संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
- अनुसंधान: बिश्केक में स्थित ‘किर्गिज-भारत पर्वतीय बायो-मेडिकल अनुसंधान केंद्र’ (KIMBMRC) में दोनों देश मिलकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी शोध करते हैं।
- SC0 (शंघाई सहयोग संगठन): दोनों देश SCO के सदस्य हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ ‘RATS’ (Regional Anti-Terrorist Structure) के माध्यम से सहयोग करते हैं।
