$830 million loan approved for PM-SETU scheme
संदर्भ:
हाल ही में विश्व बैंक (World Bank) ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना “PM-SETU” के लिए 830 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,900 करोड़) के ऋण को मंजूरी दी है।
पीएम-सेतु योजना के बारे में:
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- परिचय: PM-SETU भारत के व्यावसायिक प्रशिक्षण ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य “कुशल युवा, समृद्ध भारत” के सपने को साकार करना है।
- पूर्ण नाम: प्रधान मंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन उन्नत आईटीआई (Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs)।
- शुरुआत: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर, 2025 को इस योजना का शुभारंभ किया।
- मंत्रालय: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)।
- प्रकृति: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जो सरकार के स्वामित्व में होगी लेकिन उद्योगों द्वारा प्रबंधित की जाएगी।
- मुख्य विशेषताएं:
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- कुल परिव्यय (Total Outlay): इस योजना का कुल बजट ₹60,000 करोड़ है, जिसे केंद्र और राज्यों के बीच साझा किया जाएगा।
- हब-एंड-स्पोक मॉडल (Hub-and-Spoke Model): * योजना के तहत 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) को अपग्रेड किया जा रहा है।
- इसमें 200 ITIs को ‘हब’ (Hubs) के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, नवाचार केंद्रों और प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग से लैस होंगे।
- बाकी 800 ITIs ‘स्पोक’ (Spokes) के रूप में कार्य करेंगे, जो हब के संसाधनों का लाभ उठाते हुए स्थानीय स्तर पर कौशल प्रदान करेंगे।
- घटक II (NSTI क्षमता वृद्धि): 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTIs) – भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर और लुधियाना – को ‘उत्कृष्टता केंद्रों’ (Centers of Excellence) के रूप में विकसित किया जाएगा।
- उद्योग-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था: यह योजना ITIs को ‘सरकारी स्वामित्व वाले लेकिन उद्योग-प्रबंधित’ (Government-owned, Industry-managed) संस्थानों में बदल देगी। प्रमुख निजी कंपनियां ‘एंकर इंडस्ट्री पार्टनर’ के रूप में पाठ्यक्रम डिजाइन और प्लेसमेंट में मदद करेंगी।
- उन्नत ट्रेडों पर ध्यान: पारंपरिक ट्रेडों के अलावा, इसमें AI, रोबोटिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, ड्रोन तकनीक और साइबर सुरक्षा जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- महिला सशक्तिकरण: अगले पांच वर्षों में आईटीआई छात्रों में कम से कम 25% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।

