Apni Pathshala

गोवा का राज्यस्तरीय बर्ड एटलस जारी (Goa state-level bird atlas released) | Apni Pathshala

Goa state-level bird atlas released

Goa state-level bird atlas released

संदर्भ:

हाल ही में गोवा ने अपना पहला ‘बर्ड एटलस’ (Bird Atlas of Goa) जारी किया। केरल के बाद इस तरह का व्यापक दस्तावेजीकरण करने वाला गोवा देश का दूसरा राज्य बन गया है।  

​पक्षी एटलस (Bird Atlas) क्या है?

पक्षी एटलस पक्षियों के वितरण, बहुतायत और मौसमी उपस्थिति का एक व्यापक मानचित्र और वैज्ञानिक डेटाबेस होता है। यह सामान्य चेकलिस्ट से भिन्न होता है क्योंकि:

  • ​यह ग्रिड-आधारित सर्वेक्षण (Grid-based Survey) पर आधारित होता है।
  • ​इसमें एक विशिष्ट समय सीमा में डेटा एकत्र किया जाता है।
  • ​यह पक्षियों के आवास (Habitats) और उन पर मानवीय हस्तक्षेप के प्रभाव का विश्लेषण करता है।

​गोवा बर्ड एटलस की विशेषताएं:

गोवा के 9वें बर्ड फेस्टिवल (वाल्पोई में आयोजित) के दौरान इस एटलस का विमोचन किया गया। इस उत्सव की थीम “मैजेस्टिक महादेई” (Majestic Mhadei) थी, जो महादेई नदी बेसिन की जैव विविधता पर केंद्रित है।

  • वैज्ञानिक पद्धति: पूरे राज्य को छोटे-छोटे ग्रिडों में विभाजित कर व्यवस्थित रूप से पक्षियों की गणना की गई।
  • नागरिक विज्ञान का समावेश: इस परियोजना में वैज्ञानिकों के साथ-साथ सैकड़ों स्वयंसेवकों और पक्षी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
  • ई-बर्ड इंडिया पोर्टल (eBird India Portal): सर्वेक्षण के दौरान रिकॉर्ड रखने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया, जो डेटा की पारदर्शिता और वैश्विक पहुंच सुनिश्चित करता है।
  • स्थानीय जुड़ाव: एटलस के साथ “Birds of Goa: Konkani Nomenclature – Olakh Suknayanchi” नामक एक मार्गदर्शिका भी जारी की गई, जिसमें पक्षियों के स्थानीय कोंकणी नामों का संकलन है।
  • प्रमुख प्रजातियां: गोवा में पक्षियों की लगभग 497 से अधिक प्रजातियां दर्ज हैं (भारत की कुल प्रजातियों का लगभग 40%)। इनमें शॉर्ट-टेल्ड शियरवॉटर और वाइट-टेल्ड ट्रॉपिकबर्ड जैसी समुद्री प्रजातियां भी शामिल हैं।
  • मस्कट (Mascot): इस पहल के लिए ‘मालाबार ग्रे हॉर्नबिल’ (Malabar Grey Hornbill) को प्रतीक के रूप में चुना गया है, जिसकी संख्या में हाल के वर्षों में गिरावट देखी गई है।

भारत की पहली बर्ड एटलस- ​केरल बर्ड एटलस (KBA): 

​केरल ने वर्ष 2022 में भारत का पहला राज्य-स्तरीय बर्ड एटलस प्रकाशित कर इस दिशा में मार्ग प्रशस्त किया था।

  • विस्तार: यह एशिया का सबसे बड़ा पक्षी एटलस माना जाता है, जिसमें 25,000 से अधिक चेकलिस्ट का विश्लेषण किया गया।
  • सर्वेक्षण पद्धति: केरल ने वर्ष में दो बार (गीला मौसम – जुलाई से सितंबर और सूखा मौसम – जनवरी से मार्च) पांच वर्षों तक (2015-2020) सर्वेक्षण किया।
  • डेटा: इसमें लगभग 361 प्रजातियों का विवरण दिया गया, जिसमें स्थानिक (Endemic) और प्रवासी प्रजातियों का सटीक मानचित्रण शामिल है।

महत्व:

  • संरक्षण योजना: यह एटलस दीर्घकालिक पारिस्थितिक निगरानी (Ecological Monitoring) के लिए एक आधारभूत डेटा (Baseline Data) के रूप में कार्य करेगा, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने में मदद मिलेगी।
  • पर्यटन को बढ़ावा: ‘बर्ड वाचिंग’ पर्यटन के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
  • जैव विविधता संरक्षण: एटलस संकटग्रस्त प्रजातियों (IUCN Red List) के संरक्षण के लिए रणनीतिक डेटा प्रदान करता है।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top