India supports international initiative called FORGE
संदर्भ:
भारत ने हाल ही में Forum on Resource, Geostrategic Engagement (FORGE) नामक एक महत्वपूर्ण वैश्विक पहल का समर्थन किया है। यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
FORGE पहल क्या है?
- परिचय: FORGE (Forum on Resource, Geostrategic Engagement) एक बहुपक्षीय ढांचा (Multilateral Framework) है, जिसे वाशिंगटन डीसी में आयोजित ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ (Critical Minerals Ministerial) के दौरान अमेरिका द्वारा लॉन्च किया गया।
- उद्देश्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाना और एक देश के एकाधिकार को कम कर जोखिम को कम करना है।
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- उत्तराधिकारी: यह अमेरिका के नेतृत्व वाली ‘मिनरल सिक्योरिटी पार्टनरशिप’ (MSP) का स्थान लेगी, लेकिन इसका दायरा और सदस्य आधार कहीं अधिक व्यापक है।
- प्रवर्तक: इसकी घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा की गई।
- भागीदारी: भारत सहित 50 से अधिक देशों और यूरोपीय संघ (EU) ने इस पहल में शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई है।
- अध्यक्षता: जून 2026 तक दक्षिण कोरिया (Republic of Korea) इस फोरम की अध्यक्षता करेगा।
- वित्तीय सहायता: अमेरिका ने इस पहल के तहत रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के लिए $100 बिलियन तक की ऋण सुविधा और सार्वजनिक वित्तपोषण का प्रस्ताव दिया है।
- कार्यक्षेत्र:
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- सप्लाई चेन का डी-रिस्किंग (De-risking): खनिजों के खनन और प्रसंस्करण के भौगोलिक संकेंद्रण को खत्म करना ताकि किसी एक देश (जैसे चीन) की बाधा से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो।
- मूल्य स्थिरीकरण (Price Stabilization): खनिजों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए एक ढांचा तैयार करना ताकि निजी निवेश को बढ़ावा मिल सके।
- जिम्मेदार खनन: पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन (ESG) मानकों का पालन करते हुए खनन प्रथाओं को बढ़ावा देना।
भारत के लिए FORGE का महत्व:
- नेट जीरो 2070 लक्ष्य: लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे खनिज इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए अनिवार्य हैं। FORGE भारत को इन खनिजों तक सुलभ पहुंच प्रदान करेगा।
- घरेलू नीतियों के साथ तालमेल: यह भारत के ‘राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन’ (National Critical Minerals Mission) और बजट 2026-27 में घोषित ‘दुर्लभ मृदा गलियारे’ (Rare Earth Corridors) के पूरक के रूप में कार्य करेगा।
- भू-राजनीतिक लाभ: चीन पर अपनी निर्भरता कम करके भारत अपनी रक्षा और उच्च तकनीक (Semiconductors) उद्योगों को सुरक्षित कर सकेगा।
- द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती: FORGE का समर्थन भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के एक नए आयाम को दर्शाता है, जो रक्षा और व्यापार से हटकर ‘संसाधन कूटनीति’ पर केंद्रित है।

