Complete ban on hunting and trade of pangolins
संदर्भ:
नागालैंड के संगतम नागा (Sangtam Naga) समुदाय ने हाल ही में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में पैंगोलिन (Pangolin) के शिकार और व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का संकल्प लिया है।
- संगतम नागा समुदाय की सर्वोच्च संस्था ‘यूनाइटेड संगतम लिकुम पुमजी’ ने पैंगोलिन के संरक्षण के लिए एक आधिकारिक प्रस्ताव पारित किया। यह पहल वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) के ‘काउंटरिंग पैंगोलिन ट्रैफिकिंग प्रोजेक्ट’ के तहत की गई है।
- यह प्रतिबंध नागालैंड के किफिरे (Kiphire) और तुएनसांग (Tuensang) जिलों में प्रभावी होगा, जो भारत-म्यांमार सीमा के निकट स्थित हैं और अवैध तस्करी के प्रमुख मार्ग माने जाते हैं।
- इससे पहले मणिपुर के तंगखुल नागा (Tangkhul Naga) समुदाय ने भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाया था।
पैंगोलिन के बारे मे:
- परिचय: पैंगोलिन को अक्सर ‘स्केली एंटीइटर’ कहा जाता है। ये दुनिया के एकमात्र ऐसे स्तनधारी हैं जिनका शरीर केराटिन के शल्कों (Scales) से ढका होता है।
- प्रजातियाँ: भारत में दो प्रजातियाँ पाई जाती हैं—भारतीय पैंगोलिन (Manis crassicaudata) और चीनी पैंगोलिन (Manis pentadactyla)।
- पारिस्थितिक भूमिका: एक अकेला पैंगोलिन साल भर में लगभग 7 करोड़ चींटियों और दीमकों को खाकर उनकी आबादी को नियंत्रित रखता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता और वनों का स्वास्थ्य बना रहता है।
- संरक्षण स्थिति: IUCN रेड लिस्ट में भारतीय पैंगोलिन: लुप्तप्राय (Endangered) और चीनी पैंगोलिन: गंभीर रूप से लुप्तप्राय (Critically Endangered)।
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: इसे अनुसूची-I के तहत रखा गया है, जो इसे बाघों के समान ही उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान करता है।
- CITES: इसे परिशिष्ट-I (Appendix-I) में सूचीबद्ध किया गया है, जिसका अर्थ है कि इसके अंगों का अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक व्यापार पूर्णतः प्रतिबंधित है।
- संकट के कारण: पैंगोलिन को दुनिया का सबसे अधिक तस्करी किया जाने वाला स्तनधारी माना जाता है।
- अवैध व्यापार: इसके मांस को विलासिता माना जाता है और इसके शल्कों का उपयोग पारंपरिक चीनी चिकित्सा (TCM) में किया जाता है, हालाँकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
- भौगोलिक स्थिति: नागालैंड की सीमा म्यांमार से लगती है, जिससे यह दक्षिण-पूर्व एशिया के अवैध बाजारों तक पहुँचने का एक सुलभ कॉरिडोर बन जाता है।
संगतम नागा (Sangtam Naga) समुदाय :
- भौगोलिक वितरण: ये मुख्य रूप से नागालैंड के किफिरे (Kiphire) और तुएनसांग (Tuensang) जिलों में निवास करते हैं।
- सामाजिक संरचना: संगतम समाज पितृसत्तात्मक है। ये अपनी विशिष्ट पारंपरिक न्याय प्रणाली और ‘गाँव परिषद’ (Village Council) के लिए जाने जाते हैं।
- सांस्कृतिक उत्सव: इनका सबसे प्रमुख त्यौहार ‘मुंगमुंग’ (Mongmong) है, जो सितंबर के पहले सप्ताह में फसल कटाई के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह त्यौहार भगवान की पूजा और भाईचारे का प्रतीक है।
- कृषि और आजीविका: इनका मुख्य व्यवसाय झूम कृषि (Jhum Cultivation) है। ये अपनी अनूठी बुनाई कला और कपड़ों पर विशिष्ट पैटर्न के लिए भी प्रसिद्ध हैं।
- धर्म और आधुनिकता: अतीत में जीववादी (Animist) रहे संगतम समुदाय ने अब मुख्य रूप से ईसाई धर्म अपना लिया है, फिर भी वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों और लोक कथाओं को मजबूती से संजोए हुए हैं।

