She-Box Portal
संदर्भ:
हाल ही मे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा’ पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। जिसमें संशोधित SHe-Box (Sexual Harassment electronic Box) पोर्टल के नए फीचर्स के बारे में बताया गया।
SHe-Box पोर्टल के बारे मे:
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- परिचय: SHe-Box (Sexual Harassment electronic Box) पोर्टल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक अनूठी डिजिटल पहल है। यह कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों को दर्ज करने और उनके निवारण के लिए एक ‘सिंगल विंडो’ एक्सेस प्रदान करता है।
- उद्देश्य: कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (PoSH Act) के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना।
- संवैधानिक आधार: यह पोर्टल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 (समानता का अधिकार) तथा अनुच्छेद 21 (गरिमा के साथ जीने का अधिकार) के उद्देश्यों को पूरा करता है।
- विशेषताएं:
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- व्यापक कवरेज: यह पोर्टल केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, निजी क्षेत्र के संस्थान और असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए उपलब्ध हैं।
- प्रत्यक्ष शिकायत: पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही वह सीधे संबंधित संस्थान की ‘आंतरिक समिति’ या जिले की ‘स्थानीय समिति’ को भेज दी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।
- रीयल-टाइम ट्रैकिंग: शिकायतकर्ता महिला अपनी शिकायत की प्रगति की निगरानी स्वयं कर सकती है। यह सुविधा पारदर्शिता बढ़ाती है।
- डेटा रिपॉजिटरी: यह संस्थानों के लिए PoSH अधिनियम के तहत अपनी वार्षिक रिपोर्ट और ‘आंतरिक समितियों’ का विवरण अपलोड करने के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस के रूप में कार्य करता है।
- एकीकरण: इसे ‘मिशन शक्ति’ ऐप के साथ जोड़ा गया है ताकि मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक इसकी पहुँच आसान हो सके।
वर्तमान आंकड़े:
सम्मेलन के दौरान साझा किए गए डेटा के अनुसार, पोर्टल पर 1.48 लाख से अधिक संस्थान पंजीकृत हैं। इसमें 60,000 से अधिक आंतरिक समितियाँ (Internal Committees) सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। पिछले 6 वर्षों में महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) 23% से बढ़कर 42% हो गई है।
PoSH अधिनियम क्या हैं?
- परिचय: कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013, जिसे PoSH अधिनियम के नाम से जाना जाता है, सर्वोच्च न्यायालय के ‘विशाखा दिशानिर्देशों’ (1997) को वैधानिक रूप प्रदान करता है।
- आंतरिक समिति (IC): प्रत्येक संस्थान जिसमें 10 या अधिक कर्मचारी हैं, वहां एक ‘आंतरिक समिति’ का गठन अनिवार्य है। इसकी अध्यक्षता एक महिला वरिष्ठ कर्मचारी द्वारा की जाती है और इसमें कम से कम 50% महिला सदस्य होनी चाहिए।
- स्थानीय समिति (LC): 10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों या जहां शिकायत मालिक के विरुद्ध हो, वहां जिला स्तर पर ‘स्थानीय समिति’ न्याय सुनिश्चित करती है।
- निवारण प्रक्रिया: शिकायत घटना के 3 महीने के भीतर की जानी चाहिए। IC को 90 दिनों में जांच पूरी करनी होती है।

