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इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 (International Fleet Review 2026) | Ankit Avasthi Sir

International Fleet Review 2026

International Fleet Review 2026

संदर्भ:

भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और वैश्विक कूटनीतिक प्रभुत्व का प्रदर्शन करते हुए ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026’ का आयोजन 15 से 25 फरवरी 2026 तक विशाखापत्तनम के तट पर किया जा रहा है।

इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 के बारे में:

  • परिचय: IFR एक पारंपरिक नौसैनिक कार्यक्रम है जिसमें राष्ट्रपति (भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर) नौसेना के बेड़े का निरीक्षण करते हैं।
    • मेजबान: भारतीय नौसेना (पूर्वी नौसेना कमान – विशाखापत्तनम)।
    • थीम: “महासागरों के माध्यम से एकजुट” (United through Oceans) और “मैत्री का सेतु” (Bridges of Friendship)।
    • ऐतिहासिक संदर्भ: यह भारत द्वारा आयोजित तीसरा इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू है। इससे पहले 2001 (मुंबई) और 2016 (विशाखापत्तनम) में इसका आयोजन हुआ था।
    • भागीदारी: लगभग 72 देशों के प्रतिनिधिमंडल और 19 विदेशी युद्धपोतों सहित 70 से अधिक देशों की नौसेनाएं इसमें भाग ले रही हैं।
    • प्रमुख पोत: भारतीय नौसेना ने अपने दो विमानवाहक पोत, INS विक्रान्त (स्वदेशी) और INS विक्रमादित्य को तैनात किया है।
    • राष्ट्रपति समीक्षा: 18 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘प्रेसिडेंशियल याच’ INS सुमेधा पर सवार होकर समुद्र में लंगर डाले 71 युद्धपोतों का निरीक्षण किया।
    • पहली बार भागीदारी: जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और फिलीपींस जैसे देश पहली बार अपने सैन्य बेड़े के साथ शामिल हुए हैं। 
    • त्रिपक्षीय महासंगम: इस बार विशाखापत्तनम में IFR 2026 के साथ अभ्यास मिलन (MILAN) 2026 और IONS कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स का आयोजन किया जाएगा।
  • पहले: IFR 2026 में पहली बार अत्याधुनिक मानवरहित प्रणाली जैसे तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। भविष्य में जैव-ईंधन और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों हेतु ग्रीन नेवी पर विचार-विमर्श।

महत्व:

  • सुरक्षा भागीदार: भारत खुद को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में एक उत्तरदायी और विश्वसनीय सुरक्षा प्रदाता के रूप में पेश कर रहा है। IFR 2026 भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ (IPOI) को मजबूती प्रदान करता है।
  • स्वदेशीकरण का प्रदर्शन: IFR के दौरान प्रदर्शित अधिकांश पोत (जैसे विशाखापत्तनम क्लास डिस्ट्रॉयर, नीलगिरी क्लास फ्रिगेट्स और अरनाला क्लास ASW कार्वेट) भारत में निर्मित हैं। यह दुनिया को संदेश देता है कि भारत अब एक सक्षम ‘बिल्डर्स नेवी’ बन चुका है।
  • MAHASAGAR विजन: प्रधान मंत्री के विजन ‘MAHASAGAR’ के तहत भारत अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत द्वीप राष्ट्रों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ा रहा है। यह आयोजन चीन की हिंद महासागर में बढ़ती गतिविधियों के काउंटर में ‘सॉफ्ट पावर’ टूल है।

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