India-WFP Food Security Agreement
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय खाद्य निगम (FCI) और संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के बीच खाद्य सुरक्षा संबंधी पांच-वर्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जिसके तहत भारत अगले पांच वर्षों में WFP के मानवीय कार्यों के लिए 2,00,000 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति करेगा।
भारत में चावल उत्पादन:
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- विश्व में स्थान: भारत वर्ष 2024-25 में 150.18 मिलियन टन चावल का रिकॉर्ड उत्पादन कर चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।
- वैश्विक हिस्सेदारी: वैश्विक चावल उत्पादन में भारत का योगदान लगभग 28% है।
- निर्यात: भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है, जो वैश्विक चावल व्यापार के 40% से अधिक हिस्से को नियंत्रित करता है।
- राज्यों की स्थिति:
- उत्तर प्रदेश: 20.76 मिलियन टन (कुल उत्पादन का 13.82%)।
- तेलंगाना: 17.45 मिलियन टन (11.62%)।
- पश्चिम बंगाल: 16.02 मिलियन टन (10.66%)।
- पंजाब: 14.28 मिलियन टन (9.5%)।
- भौगोलिक आवश्यकताएँ:
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- तापमान: 21°C से 37°C के बीच, उच्च आर्द्रता के साथ।
- वर्षा: 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा। कम वर्षा वाले क्षेत्रों (जैसे पंजाब, हरियाणा) में यह सिंचाई पर निर्भर है।
- मिट्टी: गहरी उपजाऊ दोमट या जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) जिसमें जल धारण करने की अच्छी क्षमता हो।
- कृषि तकनीके: Direct Seeding of Rice (DSR): यह तकनीक पानी की बचत करती है क्योंकि इसमें नर्सरी तैयार करने और रोपाई की आवश्यकता नहीं होती। System of Rice Intensification (SRI): कम पानी और जैविक खाद के उपयोग पर आधारित एक टिकाऊ पद्धति।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme – WFP):
- परिचय: विश्व खाद्य कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है, जो आपात स्थितियों में खाद्य सहायता प्रदान करता है और पोषण सुधार के लिए समुदायों के साथ काम करता है।
- स्थापना: इसकी स्थापना 1961 में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के प्रयोग के तौर पर की गई थी। 1965 में इसे पूर्णकालिक कार्यक्रम का दर्जा मिला।
- मुख्यालय: रोम, इटली।
- संचालन: इसका प्रबंधन एक कार्यकारी बोर्ड द्वारा किया जाता है जिसमें 36 सदस्य देश शामिल होते हैं।
- वित्त पोषण: WFP पूरी तरह से स्वैच्छिक दान पर निर्भर है। इसके मुख्य दानदाता सरकारें हैं, लेकिन यह निगमों और निजी दाताओं से भी सहायता प्राप्त करता है।
- मुख्य उद्देश्य: WFP का मुख्य लक्ष्य “शून्य भुखमरी” (Zero Hunger – SDG 2) प्राप्त करना है। इसके कार्यों को चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
- आपातकालीन सहायता: युद्ध, गृहयुद्ध और प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, सूखा) के दौरान तत्काल भोजन पहुँचाना।
- रसद (Logistics) विशेषज्ञता: यह संयुक्त राष्ट्र का ‘लॉजिस्टिक्स लीडर’ है। यह दुर्गम क्षेत्रों में विमानों, जहाजों और ट्रकों के माध्यम से सहायता पहुँचाता है।
- पोषण कार्यक्रम: विशेष रूप से माताओं और बच्चों के लिए फोर्टिफाइड भोजन प्रदान करना ताकि ‘स्टंटिंग’ और ‘वेस्टिंग’ को रोका जा सके।
- स्कूल फीडिंग: बच्चों को स्कूल में पौष्टिक भोजन देना ताकि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों में सुधार हो।
- भारत: भारत में WFP 1963 से काम कर रहा है। WFP भारत सरकार को राशन वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता देता है। WFP के सहयोग से गुरुग्राम (हरियाणा) में भारत का पहला ‘ग्रेन एटीएम’ स्थापित किया गया था।
- नोबेल शांति पुरस्कार (2020): भुखमरी से लड़ने, संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति के लिए स्थितियां सुधारने और भोजन को युद्ध के हथियार के रूप में उपयोग होने से रोकने के लिए इसे नोबेल पुरस्कार दिया गया।

