New dinosaur species called Spinosaurus mirabilis discovered

संदर्भ:
हाल ही में जीवाश्म विज्ञानियों ने सहारा रेगिस्तान के मध्य नाइजर क्षेत्र में स्पिनोसॉरस मिराबिलिस (Spinosaurus mirabilis) नामक एक नई डायनासोर प्रजाति की खोज की है।
डायनासोर की नई प्रजाति स्पिनोसॉरस मिराबिलिस:
- खोज स्थल: नाइजर के दूरस्थ जेंगुएबी इलाके में, जो आज सहारा का रेगिस्तान है लेकिन 9.5 करोड़ साल पहले नदियों और जंगलों से भरा था।
- खोजकर्ता: पॉल सेरेनो और उनकी टीम (शिकागो विश्वविद्यालय)
- अवधि: क्रेटेशियस काल (लगभग 9.5 करोड़ वर्ष पूर्व)
- अद्वितीय कलगी: इसके सिर पर लगभग 20 इंच (50 सेमी) लंबी, तलवार जैसी मुड़ी हुई हड्डी की कलगी पाई गई है। यह केराटिन से ढकी रही होगी।
- आकार और वजन: यह लगभग 12 मीटर (40 फीट) लंबा और 5-7 टन भारी था, जो इसे टी-रेक्स (T. rex) के समान विशाल मांसाहारी बनाता है।
- मछली पकड़ने का जाल: इसके दांत नुकीले और शंक्वाकार थे, जो आपस में इस तरह गुंथे हुए थे कि वे फिसलन भरी मछलियों को आसानी से फंसा सकते थे।
- विशिष्ट शारीरिक अनुकूलन: इसके नथुने सिर पर पीछे की ओर थे, जिससे यह अपना थूथन पानी में डुबोकर भी सांस ले सकता था।
- दूसरी मान्यता प्राप्त प्रजाति: यह Spinosaurus aegyptiacus (1915 में खोजी गई) के बाद इस जीनस की केवल दूसरी औपचारिक रूप से पहचानी गई प्रजाति है।
सहारा रेगिस्तान के बारे में:
- परिचय: सहारा विश्व का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह अंटार्कटिका और आर्कटिक (जो शीत मरुस्थल हैं) के बाद तीसरा सबसे बड़ा रेगिस्तान है।
- क्षेत्रफल: इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 92 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग तीन गुना है।
- विस्तार: यह अफ्रीका महाद्वीप के उत्तरी भाग में स्थित है और 11 देशों (अल्जीरिया, चाड, मिस्र, लीबिया, माली, मॉरिटानिया, मोरक्को, नाइजर, सूडान, ट्यूनीशिया और पश्चिमी सहारा) की सीमाओं को स्पर्श करता है।
- प्रमुख भू-आकृतियाँ:
- एर्ग्स (Ergs): विशाल रेत के टीले, जो 250 मीटर तक ऊंचे हो सकते हैं।
- पठार और पर्वत: इसमें पथरीले पठार (Hamada) और ज्वालामुखी पर्वत भी हैं। एमी कुसी (Emi Koussi) सहारा की सबसे ऊंची चोटी (3,415 मीटर) है, जो चाड के टिबेस्टी पहाड़ों में स्थित है।
- नखलिस्तान (Oasis): यहाँ पानी के स्रोत वाले उपजाऊ क्षेत्र पाए जाते हैं जहाँ मानव बस्तियाँ (जैसे बेदुइन और तुआरेग जनजातियाँ) निवास करती हैं।
- प्राचीन जलवायु: पुरातात्विक साक्ष्यों और रॉक आर्ट (जैसे अटा बाई मरुस्थल में मिली पेंटिंग्स) से पता चलता है कि लगभग 4,000 से 11,000 साल पहले सहारा एक हरा-भरा क्षेत्र था। यहाँ नदियाँ बहती थीं और हाथी, जिराफ, मगरमच्छ जैसे जीव पाए जाते थे।
- परिवर्तन का कारण: पृथ्वी के अपनी धुरी पर झुकाव और कक्षीय स्थितियों में बदलाव के कारण मानसूनी हवाओं का पैटर्न बदल गया, जिससे यह क्षेत्र धीरे-धीरे मरुस्थल में परिवर्तित हो गया।
- वर्तमान स्थिति: यहाँ वर्षा बहुत कम (वार्षिक औसत 3 इंच से भी कम) होती है। दिन का तापमान 50°C से ऊपर जा सकता है, जबकि रातें अत्यधिक ठंडी होती हैं।
- खनिज संसाधन: सहारा के नीचे तेल और प्राकृतिक गैस (विशेषकर अल्जीरिया और लीबिया में) के विशाल भंडार हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ लोहा, फास्फोरस, मैंगनीज और यूरेनियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं।
